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मानवता शर्मसार, कंधे में शव रखकर रास्ता बंद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन,

मानवता शर्मसार, कंधे में शव रखकर रास्ता बंद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन,

श्मशान जाने का रास्ता नहीं दिलवा पा रहा प्रशासन: ग्रामीण

शिक्षा विभाग भी कर रही रास्ता बंद, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं,

जिला प्रशासन से रास्ता खुलवाने की मांग

आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास

चतरा : झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। सोमवार को रास्ता बंद के खिलाफ कंधे में शव रखकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया है। जिसके बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए तत्काल कब्जा हटाने की मांग की।ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल में बाउंड्री होने से बस्ती के लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। वही स्कूल के पीछे से रास्ता पर अवैध कब्जा किया गया है।
स्कूल बनने के दौरान छोड़ा गया था रास्ता
ग्रामीण रमेश पासवान, प्रमोद पासवान, इंद्रदेव पासवान, सुनील पासवान, विकास पासवान, विनोद भारती, आक्रोश भारती, जयराम भारती, गुड्डू कुमार, अजय भारती, सोमर भारती, राजेश भारती, सौरभ कुमार,सुरेंद्र कुमार, रंजीत कुमार भारती, रतन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों से हैं। उनके अनुसार, पीएम श्री स्कूल तेतरिया बनने के दौरान स्कूल के बीच से बस्ती तक आने-जाने के लिए एक चकरोड छोड़ा गया था। वही पीछे से भी एक रास्ता छोड़ी गई थी।
ग्रामीणों ने लगाया अवैध कब्जे का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा बाउंड्री के लिए गढ्ढे खोदे गए हैं, जिसके बाद इस रास्ते से चलना भी दुर्लभ हो गया है। यदि बाउंड्री हो गया तो संपूर्ण रास्ता बंद हो जाएगा। वही ग्रामीणों का आगे आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने स्कूल के पीछे चकरोड पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाइक भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई,
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को लिखित शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज जब गांव के ही एक बुर्जुग के देहांत के बाद मजबूरन कंधे में शव रखकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल के रास्ता खुलवाया जाए नहीं तो पीछे से वैकल्पिक रास्ता दिया जाए ताकि आवागमन में परेशानी का सामना करना ना पड़े।

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