सौरभ भगत
अमडा़पाडा़-प्रखंड क्षेत्र के डुमरचीर स्थित पहाड़ियां गांव माड़रो मोड़ में सोमवार को चड़क सह पत्ता मेला का आयोजन किया गया।पारंपरिक मेला मुख्य रूप से आदिम जनजाति समाज पहाड़ियां समुदाय के लोगों द्वारा प्रतिवर्ष की भांति आयोजित होने वाले इस पारंपरिक मेले को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मेला प्राकृतिक से जुड़े अथवा प्राकृतिक प्रेम का सम्मान प्रकट करने और भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए हर साल अप्रैल व मई के महीने में आयोजित किया जाता है।यह मेला वन-पहाडो़ में सखुआ,महुआ,नए फल,फूल और अन्य पेड़ों पर नए पत्ते उगने की खुशी और प्राकृतिक से जुड़ाव के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।जब जंगल व पहाड़ों में पेड़ पौधों पर नए पत्ते उग जाते हैं तब यह मेला लगाएं जाने और खुशी मनाएं जाने का रिवाज पूर्वजों से रहा है। मेला के आयोजन के बाद समाज के मुख्य पुजारी यानी (बोकता) उपवास रखते हैं,और नए पत्ते तथा नए फल फूल व महुआ,सखुआ के पत्तों की पूजा करते हैं इसके बाद ही ग्रामीण नए पत्तों का प्रयोग शुरू करते हैं। पूजन के बाद मेला स्थल पर सखुआ के खंभे पर और बनाए गए लगभग 25 से 30 फीट ऊंचे मचान के सहारे खंभों में बांधकर पुजारी को हर-हर महादेव के जयघोष के साथ घुमाया जाता है,फिर उन्हें दान दक्षिणा देकर सम्मानित किया जाता है।पहाड़िया समुदाय के लोगों के द्वारा आयोजित यह मेला उनके प्रकृति प्रेम को दर्शाता है।मौके पर देवा पहाड़ियां,राजा पहाड़ियां,दुर्गा पहाड़िया,धर्मा पहाड़िया,रंजीत पहाड़िया सहित अन्य ग्रामीण व कमेटी के लोग मौजूद थे।
चड़क सह पत्ता मेला में हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीण
