डेढ़ साल से खराब चापाकल; प्यास बुझाने दूसरे घरों पर निर्भर मासूम
-विभाग को कई बार दी गई सूचना, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
- ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी पंचायत के देवरिया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। वर्ष 2007 में निर्मित यह भवन अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छत का प्लास्टर लगातार टूटकर गिर रहा है, बारिश के दिनों में पूरी छत टपकती है और हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद इसी खतरनाक भवन में करीब 30 नौनिहाल रोजाना पढ़ने और पोषण सेवाएं लेने पहुंचते हैं।ग्रामीणों के अनुसार भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी गई,लेकिन अब तक न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई पहल हुई। विभागीय उदासीनता के कारण मासूम बच्चे भय के साये में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।स्थिति केवल भवन तक सीमित नहीं है। केंद्र में पेयजल की भी गंभीर समस्या बनी हुई है। परिसर में जलमीनार नहीं है और एकमात्र चापाकल भी पिछले डेढ़ वर्ष से खराब पड़ा है। ऐसे में बच्चों को प्यास बुझाने के लिए आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ता है। वहीं मध्यान्ह भोजन तैयार करने के लिए रसोइया को भी गांव के दूसरे घरों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। इससे बच्चों, सेविका और सहायिका सभी को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।आंगनबाड़ी सेविका सबरी देवी ने बताया कि जर्जर भवन और पानी की समस्या को लेकर कई बार अपने सुपरवाइजर को लिखित एवं मौखिक जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों को मजबूरी में बरामदे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है।सहायिका फुलवा देवी ने बताया कि पानी की व्यवस्था नहीं होने से प्रतिदिन आसपास के घरों से पानी लाना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है और केंद्र का संचालन भी प्रभावित होता है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नया भवन नहीं बनाया गया और पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और लापरवाही के कारण मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जर्जर भवन के स्थान पर शीघ्र नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जाए तथा तत्काल पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।इस संबंध में हंटरगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी सह सीडीपीओ निखिल गौरव कमान कच्छप से दूरभाष पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

