शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, मां बार-बार हो रही बेसुध,
गांव में पसरा मातम
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
हंटरगंज(चतरा): जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत डाहा गांव में गुरुवार को उस समय मातम पसर गया, जब बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में गांव के एक युवा ट्रक चालक की मौत की खबर पहुंची। हादसे में उसी गांव का उप चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद से मृतक के घर में चीख-पुकार मची हुई है और पूरे गांव की आंखें नम हैं।मृतक की पहचान डाहा गांव निवासी 25 वर्षीय अजय कुमार यादव, पिता बद्री यादव, के रूप में हुई है। वहीं हादसे में घायल उप चालक की पहचान गांव के ही संचित कुमार के रूप में की गई है।बताया जा रहा है कि दोनों ट्रक से सामान लोड करने जा रहे थे। इसी दौरान गुरुवार अहले सुबह बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में ट्रक सड़क हादसे का शिकार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक अजय कुमार यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उप चालक संचित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया।घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन आनन-फानन में घटनास्थल की ओर रवाना हुए। पुलिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब मृतक का शव डाहा गांव पहुंचा, तो घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। शव देखते ही मां, पिता, भाई और अन्य परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध होकर जमीन पर गिर जा रही हैं, जबकि पिता और भाई की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।मृतक के भाई संजय ने बताया कि अजय अविवाहित था और ट्रक चलाकर ही परिवार का भरण-पोषण करता था। वह परिवार की उम्मीदों का सहारा था। उसकी कमाई से ही माता-पिता की जरूरतें पूरी होती थीं। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना ने परिवार से उसका सबसे बड़ा सहारा छीन लिया है। भाई संजय ने कहा कि अजय मेहनत-मजदूरी कर परिवार को बेहतर जीवन देने का सपना देखता था, लेकिन सड़क हादसे ने सब कुछ उजाड़ दिया।गांव के लोगों ने बताया कि अजय मिलनसार और मेहनती युवक था। वह जब भी घर आता था, गांव के लोगों से आत्मीयता से मिलता था। उसकी असमय मौत की खबर से डाहा गांव का हर व्यक्ति दुखी है। गांव में दिनभर शोक का माहौल बना रहा। उधर, हादसे में घायल उप चालक संचित कुमार का इलाज जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजन उसके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अजय ही अपने बूढ़े माता-पिता का मुख्य सहारा था। उसके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को सरकारी सहायता, मुआवजा और अन्य योजनाओं का लाभ जल्द उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके।इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। जिस बेटे के सहारे माता-पिता अपने बुढ़ापे का सपना देख रहे थे, आज उसी बेटे की अर्थी देखकर उनका संसार उजड़ गया। डाहा गांव में पसरे सन्नाटे और परिजनों की चीखों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
