आदिवासी एक्सप्रेस संवाददाता/ मोहम्मद शमीम
उंटारी रोड,पलामू। जिले के उंटारी रोड प्रखंड क्षेत्र में बुधवार की सुबह उस समय अपरा तफरी मच गई जब स्कूली बच्चों को लेकर जा रहा एक टेंपो अनियमंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया हादसे में 14 छात्र छात्राएं घायल हो गए। घटना मुरमा खुर्द गांव के समीप हुई जहां स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार टेंपो में सवार छात्र-छात्राएं प्रतिदिन की तरह अपने विद्यालय आर के गांधी हाई स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान मुरमा खुर्द गांव के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे पलट गया हादसा होते ही मौके पर चीख पुकार मच गई आसपास के ग्रामीण तुरंत सहायता के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायलों को वहां से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया। हादसे में घायल कुल 14 छात्र छात्राओं में से सात को बेहतर इलाज एमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिति है और सभी खतरे से बाहर। घायल छात्राओं में रानी कुमारी 15 वर्ष पिता अशोक चौधरी चांदनी कुमारी 14 वर्ष पिता प्रदीप चौधरी रागिनी कुमारी 16 वर्ष पिता अखिलेश मेहता रूपा कुमारी 16 वर्ष पिता घुरा राम विशाल कुमार 19 वर्ष पिता रामजी मेहता सुजीत कुमार 17 वर्ष पिता रामजी मेहता कथा रानी कुमारी 14 वर्ष पिता नारायण रजवार शामिल हैं।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ और संबोधित अधिकारी अस्पताल पहुंचे वहीं घायल विद्यार्थियों के परिजन भी अस्पताल पहुंचकर अपने बच्चों को पहचान लेने लगे प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वाहन पलटने के पीछे चालक की लापरवाही वहां की तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति जिम्मेदार थी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्कूली वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल आने जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए उन्होंने प्रशासन से मांग की की स्कूल वाहनों की फिटनेस चालक की योग्यता और यातायात नियमों के पालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की घटना ना हो। यह हादसा एक बार फिर बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रतिदिन निजी वाहनों और टेंपो के माध्यम से विद्यालय पहुंचते हैं ऐसे में वाहनों की स्थिति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। मुरमा खुर्द कि यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं बल्कि स्कूली परिवहन व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों को भी सामने लाती है सौभाग्य की बात है कि घायल छात्र-छात्राएं खतरे से बाहर बताई जा रहे हैं लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है प्रशासनिक जांच के साथ-साथ परिवहन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी समय की मांग है बच्चे देश का भविष्य है और उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी हैं स्कूल तक पहुंचाने का सफर सुरक्षित होगा तभी शिक्षा का वातावरण बेहतर बनेगा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल प्रशासन नहीं समाज की भी जिम्मेदारी है हर अभिभावक चालक और संस्था को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
