देवघर/
झारखंड पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा के निर्देश पर सभी थानों में व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की मुहिम चल रही है, ताकि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके। लेकिन मोहनपुर थाना प्रभारी सालो हेंब्रम ने पद संभालने के मात्र कुछ दिनों बाद ही स्थानीय शांति समिति के व्हाट्सएप ग्रुप पर ताला जड़ दिया है। इस ग्रुप को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए बनाया गया था। अब केवल एडमिन यानी प्रखंड विकास पदाधिकारी और थाना प्रभारी ही इसमें संदेश भेज सकते हैं, जबकि अन्य सदस्य केवल पढ़ सकते हैं।स्थानीय जनप्रतिनिधियों में इस कदम को लेकर गहरी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक समन्वय की भावना के विरुद्ध बताया है। शांति समिति के सदस्यों का कहना है कि ग्रुप बंद करने से क्षेत्रीय समस्याओं पर त्वरित चर्चा और समाधान की प्रक्रिया बाधित होगी। डीजीपी के निर्देश के अनुसार थाना स्तर के व्हाट्सएप ग्रुप का उद्देश्य जनता को सीधे थाना प्रभारी और बीट अधिकारियों से जोड़ना, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना सुनिश्चित करना, अफवाहों पर अंकुश लगाना और सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाना है। मोहनपुर घटना ने इस व्यवस्था की उपयोगिता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।
