आदिवासी एक्सप्रेस जिला ब्यूरो
अजय कुमार कुशवाहा,
प्रिंस मिश्रा
बरहरवा
मानव तस्करी, बाल श्रम तथा अन्य संबंधित अपराधों की रोकथाम को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा बरहरवा रेलवे स्टेशन पर चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान चार नाबालिग बालकों को सुरक्षित बरामद किया गया। सभी बच्चे अपने परिजनों को बिना सूचना दिए मजदूरी करने के उद्देश्य से कोलकाता जाने की तैयारी में थे। आरपीएफ की सतर्कता से संभावित मानव तस्करी या बाल श्रम की घटना को समय रहते रोका जा सका।
जानकारी के अनुसार गुरुवार की मध्यरात्रि 12:05 बजे आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के पर्यवेक्षण में बरहरवा रेलवे स्टेशन पर संयुक्त छापामारी एवं सघन जांच अभियान चलाया गया। अभियान में आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के एएसआई अजय कुमार हांसदा, कांस्टेबल प्रवीण कुमार तथा सीपीडीएस टीम मालदा के कांस्टेबल राहुल कुमार, एस.के. सुमन एवं रितेश कुमार शामिल थे।
जांच के दौरान स्टेशन के प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) के समीप चार नाबालिग बालक बिना किसी सामान के संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाए गए। आरपीएफ टीम द्वारा पूछताछ किए जाने पर सभी ने अपनी आयु क्रमशः 16, 16, 15 एवं 16 वर्ष बताई। बच्चों ने अपना निवास थाना बरहेट क्षेत्र, जिला साहिबगंज का बताया।
गहन पूछताछ में बच्चों ने स्वीकार किया कि वे घरवालों को बिना बताए अपने घरों से निकलकर बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और मजदूरी करने के लिए कोलकाता जाने की योजना बना रहे थे। नाबालिग होने एवं परिस्थितियों के संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए चारों बच्चों को संरक्षण में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ पोस्ट बरहरवा ले जाया गया।
इसके बाद आरपीएफ द्वारा बच्चों के अभिभावकों से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर पूरी घटना की जानकारी दी गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं एवं बाल संरक्षण संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत चारों नाबालिगों को मंथन संस्था की प्रतिनिधि आराधना मंडल एवं अंसु मालाकार तथा चाइल्ड हेल्पलाइन साहिबगंज के प्रतिनिधि मो. इकबाल के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि बच्चों को समुचित देखभाल, परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
आरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में मानव तस्करी एवं बाल श्रम से जुड़े मामलों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें।
आरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई को बाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे चार नाबालिग बच्चों को संभावित शोषण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में जाने से बचाया जा सका।
