शिकारीपाड़ा/दुमका
आदिवासी एक्सप्रेस।
शिकारीपाड़ा में अवैध कोयले का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इलाके में तस्करी के तौर-तरीके अब पूरी तरह बदल चुके हैं। पहले जहां अवैध सुरंगें बनाकर कोयले का अवैध खनन करने की खबरें सामने आती थीं, वहीं अब तस्करों ने एक नया और खतरनाक रास्ता अख्तियार कर लिया है। अब लोग मालगाड़ियों से फिल्मी स्टाइल में कोयला उतार रहे हैं और उसे अपने घरों में जमा कर धड़ल्ले से बेच रहे हैं।
इस नए खेल का खुलासा आज सुबह उस वक्त हुआ जब करीब 6 बजे एक कोयला तस्कर मोटरसाइकिल पर कोयले से भरी 3 बोरियां लादकर कुम्हारपाड़ा के पीछे बायपास रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान वहां गश्त कर रहे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जवान की नजर उस पर पड़ गई। जवान ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत बाइक सवार का पीछा करना शुरू कर दिया। RPF जवान को अपने पीछे आता देख तस्कर के होश उड़ गए। पकड़े जाने के डर से वह कोयले से लदी बाइक को रास्ते पर ही छोड़कर रफूचक्कर हो गया। इसके बाद जवान ने मौके पर पहुंचकर बाइक को अपने कब्जे में ले लिया, जबकि बोरियों में भरा कोयला स्थानीय ग्रामीणों को सौंप दिया। जवान जप्त की गई मोटरसाइकिल को अपने साथ ले गया है। इस घटना ने साफ कर दिया है कि शिकारीपाड़ा में कोयला तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हैं और वे पुलिस व आरपीएफ को चुनौती देने के लिए नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं।
