रांची। झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया। गिरिडीह में निजी आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। हार्ट अटैक से निधन होने की बात कही जा रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे जिंदगी की क्षणभंगुरता कहते हुए लिखा है कि कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियां ही हमारे साथ है। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुख और शोक में छोड़ गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्पित साथी एवं झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है। उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मर्सी हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस
आरंभिक जानकारी के मुताबिक रविवार तड़के करीब 2:10 बजे सुदिव्य कुमार सोनू की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल गिरिडीह में ही मर्सी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कहा जा रहा है कि चिकित्सकों ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को नहीं बचाया जा सका। इलाज के दौरान करीब 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। कार्डियक अरेस्ट से सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की बात कही जा रही है।
गिरिडीह सीट से विधायक थे सुदिव्य
गौरतलब है कि 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू ने 2019 में पहली बार गिरिडीह विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। 2024 में वह इसी सीट पर दोबारा विधायक चुने गए और उन्हें कैबिनेट में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और उच्च शिक्षा विभाग का मंत्री बनाया गया था। उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी रणनीतिक सलाहकार माना जाता था। झामुमो के संस्थापक सदस्यों में एक दिशोम गुरु शिबू सोरेन और तात्कालीन शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के बाद अब सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से पार्टी को झटका लगा है। झामुमो ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।
