
गुमला। झारखंड की प्रखर आदिवासी नेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत का शनिवार को उनके पैतृक गांव बारडीह में पूरे सरना रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चैनपुर प्रखंड के कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र स्थित गांव में अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण, शुभचिंतक और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता पहुंचे। निशा भगत के असामयिक निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी विशेष रूप से बारडीह गांव पहुंचे। दोनों नेताओं ने निशा भगत के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया और इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
निशा भगत के निधन को उनके चाहने वालों ने आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपनी प्रिय नेत्री को अंतिम विदाई दी।
ग्रामीण एसपी ने जारी किया आधिकारिक बयान
दूसरी ओर, निशा भगत की मौत के मामले में ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने सिलसिलेवार तरीके से आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पिठोरिया थाना क्षेत्र से दोपहर करीब 12:15 बजे सूचना मिली थी कि निशा कुमारी भगत ने आत्महत्या का प्रयास किया है। इसकी जानकारी उनके फेसबुक लाइव के माध्यम से भी मिली थी।
सूचना मिलते ही पिठोरिया थाना पुलिस तत्काल उनके घर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की पुष्टि करने के बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
ग्रामीण एसपी के अनुसार, घटनास्थल पर एफएसएल की टीम ने पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच की और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मेडिकल बोर्ड की देखरेख में शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है।
इस मामले में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी बिंदु जांच के दायरे में हैं। जांच पूरी होने के बाद ही सामने आए निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाएगा।
