विकास कुमार | कान्हाचट्टी (चतरा)। चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड के सायल बगीचा स्थित मां भद्रकाली मैरिज हॉल में संचालित साफा क्लाइड इंटरनेशनल प्राइवेट स्कूल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि जिस भवन में रात के समय शादी-विवाह के कार्यक्रम होते हैं, उसी में दिन के दौरान बच्चों की पढ़ाई कराई जाती है। स्कूल में बुनियादी सुविधाओं और निर्धारित मानकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मैरिज हॉल में स्कूल संचालन पर सवाल
स्थानीय लोगों और पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, सायल बगीचा स्थित मां भद्रकाली मैरिज हॉल में साफा क्लाइड इंटरनेशनल प्राइवेट स्कूल संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि स्कूल परिसर में बच्चों के खेलने और प्रार्थना के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विद्यालय के भवन और सुविधाओं को लेकर शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
स्कूल संचालन के लिए निर्धारित भवन, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय पत्रकारों की ओर से पहले भी स्कूल की स्थिति को लेकर खबरें प्रकाशित किए जाने की बात कही गई है। खबरों के बाद जिला प्रशासन की ओर से जांच कराए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर आरोप है कि जांच के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इस मामले में जांच रिपोर्ट, संबंधित अधिकारियों की टिप्पणी और स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जांच में क्या पाया गया और आगे क्या कदम उठाए गए।
स्कूल वाहन और सुविधाओं पर भी सवाल
स्कूल में बच्चों के आवागमन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की स्थिति को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। दावा है कि बच्चों को लाने और घर छोड़ने के लिए कभी ऑटो तो कभी पुराने वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा और आवश्यक दस्तावेजों की जांच से ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इसके अलावा स्कूल की फीस, किताबों और वार्षिक शुल्क को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि इन मदों में अभिभावकों से अधिक राशि ली जाती है। हालांकि, शुल्क की तुलना, निर्धारित फीस और अभिभावकों की शिकायतों से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध होने पर ही इस दावे की पुष्टि हो सकती है।
शिक्षा विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विद्यालय में भवन, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कमियां हैं, तो जांच के बाद विभाग ने क्या कार्रवाई की? क्या स्कूल की मान्यता और संचालन से जुड़े नियमों की जांच की गई है? इन सवालों पर शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से जांच के निष्कर्ष और की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक किया जाना महत्वपूर्ण है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग का पक्ष मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
