हुसैनाबाद/पलामू। बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में विदेश गए झारखंड के एक युवक के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दादरा (दंगवार) गांव निवासी शशि कुमार पासवान दुबई की जेल में बंद हैं। परिजनों का आरोप है कि बहन की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौटने की कोशिश के दौरान वह एक दलाल के झांसे में आ गए और एक मामले में फंस गए। परिवार पिछले कई महीनों से उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।
नौकरी करने दुबई गया था शशि
परिजनों के मुताबिक, शशि कुमार पासवान वर्ष 2025 में एक कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी करने दुबई गए थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था। इसी बीच परिवार में उनकी छोटी बहन की शादी तय हुई। शादी 26 जून को होनी थी। शशि भी इस पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए घर लौटना चाहते थे।
बताया जाता है कि छुट्टी और भारत वापसी की व्यवस्था करने के दौरान वह एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए, जिसने उन्हें आसानी से घर भेजने का भरोसा दिया। परिवार का आरोप है कि इसी व्यक्ति ने शशि से पैसे लिए और बाद में उन्हें परेशानी में डाल दिया।
टेलीग्राम से जुड़े मामले में फंसाने का आरोप
शशि के पिता ललन पासवान ने हुसैनाबाद थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मामले में मदद की गुहार लगाई है। परिवार के अनुसार, शशि की पत्नी सुमित्रा से फोन पर हुई बातचीत में उन्हें जानकारी मिली कि उनके पति टेलीग्राम से जुड़े एक संदिग्ध मामले में फंस गए हैं।
परिजनों का आरोप है कि जिस व्यक्ति ने घर वापसी में मदद करने का भरोसा दिया था, वह खुद भी मामले में शामिल था। कथित तौर पर प्रशासन की कार्रवाई के दौरान शशि को भी हिरासत में ले लिया गया। परिवार का कहना है कि वह पिछले करीब तीन महीने से दुबई की जेल में बंद हैं।
हालांकि, शशि की गिरफ्तारी के सटीक कारणों और उनके खिलाफ दर्ज मामले की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
बहन की शादी में शामिल नहीं हो सका भाई
शशि के परिवार के लिए यह घटना भावनात्मक रूप से बेहद कठिन रही। जिस बहन की शादी में शामिल होने के लिए वह घर लौटना चाहते थे, उस समारोह में वह शामिल नहीं हो सके। परिवार का कहना है कि बेटे के जेल में बंद होने की खबर ने पूरे घर की खुशियां छीन लीं।
परिजन अब उनकी सुरक्षित रिहाई और भारत वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं। पिता ललन पासवान ने हुसैनाबाद पुलिस से मामले में संवेदनशीलता के साथ पहल करने और संबंधित अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने की अपील की है।
बेटे की रिहाई के लिए प्रशासन से मदद की अपील
परिवार को उम्मीद है कि स्थानीय प्रशासन और भारत सरकार के संबंधित विभाग मामले में हस्तक्षेप कर शशि की कानूनी स्थिति का पता लगाएंगे और उनकी मदद के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।
विदेश में किसी कानूनी मामले में फंसने पर संबंधित देश के कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होती है। ऐसे में शशि के मामले में आगे की स्थिति उनके खिलाफ लगे आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और वहां की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल, परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहा है।
