बिश्रामपुर विधानसभा विशेष प्रतिनिधि/ दीपक यादव
पांडू,पलामू: जिले के ऊंटारी रोड क्षेत्र अंतर्गत नौकाडीह से रेलवे की संपत्ति चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 51 हजार रुपये मूल्य का चोरी का रेलवे लोहा एवं तांबा बरामद किया है।इस मामले में आरपीएफ जपला,नबीनगर एवं सीआईबी इंस्पेक्टर चंदन कुमार गया की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रेलवे न्यायालय डाल्टेनगंज में पेश किया गया,जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।जानकारी के अनुसार,सीगसीगी और करकटा रेलवे स्टेशन के बीच आसपास मालगाड़ी से रेलवे का लोहा चोरी होने की सूचना आरपीएफ को मिली थी।सूचना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट नबीनगर के निरीक्षक प्रभारी राम विलास राम के नेतृत्व में आरपीएफ जपला,नबीनगर एवं सीआईबी गया की संयुक्त टीम गठित कर चोरी के सामान की बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की गई।टीम में निरीक्षक प्रभारी राम विलास राम,क्राइम ब्रांच के निरीक्षक चंदन कुमार,उप निरीक्षक राम नरेश राम तथा आरक्षी मनोज कुमार,संतोष कुमार त्रिपाठी,उपेंद्र कुमार,राकेश कुमार,संजीव कुमार,नवीन कुमार पाण्डेय एवं कमलेश कुमार शामिल थे।
बिश्रामपुर की कबाड़ दुकान में खपाया जा रहा था चोरी का रेलवे सामान
जांच और सूचना संकलन के बाद टीम ने संबंधित थाना पुलिस के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर दबिश दी।कार्रवाई के दौरान बिश्रामपुर स्थित प्रभु साव की कबाड़ दुकान से भारी मात्रा में रेलवे का चोरी का लोहा एवं तांबा बरामद किया गया।पुलिस ने चोरी के रेलवे सामान की खरीद-फरोख्त में कथित रूप से संलिप्त अनिल कुमार को गिरफ्तार किया।पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम ने आगे कार्रवाई करते हुए नौकाडीह दरुआ गांव में छापेमारी की।
नौकाडीह से गिरफ्तार हुआ दूसरा आरोपी
अनिल कुमार की निशानदेही पर आरपीएफ टीम ने नौकाडीह दरुआ गांव निवासी मुकलेश चौधरी (26),पिता अरुण चौधरी के घर पर दबिश दी।वहां से भारी मात्रा में रेलवे का चोरी का लोहा बरामद किया गया।इसके बाद मुकलेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,चोरी के रेलवे सामान को नौकाडीह क्षेत्र से ऑटो के माध्यम से बिश्रामपुर की कबाड़ दुकान तक पहुंचाकर बेचने की बात सामने आई है।इससे रेलवे संपत्ति चोरी करने और उसे कबाड़ के रूप में खपाने वाले एक नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका सामने आई है।
कबाड़ संचालक की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस पूरे मामले में बिश्रामपुर के कबाड़ संचालक प्रभु साव की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है।आरपीएफ द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।इसके अलावा रेलवे का लोहा चोरी करने और उसे खरीदने-बेचने में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार,चोरी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों और कबाड़ संचालक की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।जांच पूरी होने के बाद रेलवे चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों का भी खुलासा हो सकता है।आरपीएफ ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें रेलवे न्यायालय डाल्टेनगंज में प्रस्तुत किया।न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।रेलवे से चोरी हुए सामान की बरामदगी और दो आरोपियों की गिरफ्तारी को आरपीएफ की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।इस कार्रवाई से रेलवे संपत्ति की चोरी कर उसे कबाड़ बाजार में खपाने वाले लोगों में हड़कंप मचा है।अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि चोरी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और रेलवे का सामान कहां-कहां खपाया जाता था।
