
-मईयां बलवान और मईयां उद्यमी योजना शुरू होगी: हेमंत सोरेन
-विपक्ष पर भी साधा निशाना, राज्य के विकास का रोडमैप भी पेश किया
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र बुधवार को समाप्त हो गया। सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से रखा। उन्होंने राज्य के विकास का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि झारखंड हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले 86000 करोड़ बजट था, आज 1 लाख 58 हजार करोड़ का बजट है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर नागरिक को सुरक्षित समाजिक सौहार्द मिले, बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले, हर घर को भजन मिले और सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिले। सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है।

झारखंड ने बड़ी छलांग लगायी:
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वित्तीय प्रबंधन के मामले में झारखंड ने बड़ी छलांग लगायी है। इसे नीति आयोग ने भी माना है। राज्य 13वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हम जो कहते हैं, वो करते हैं। और यही सरकार की कार्यशैली है। हमारी सरकार पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है। झारखंड न रुका है, न झुका है, आगे बढ़ रहा है।
नयी योजनाओं से बदलाव का किया दावा:
हेमंत सोरेन ने कहा कि मईयां सम्मान योजना मील का पत्थर साबित हुआ है। राज्य की 50 लाख महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। इस बजट में सबसे अधिक राशि इसी योजना के लिए निर्धारित की गयी है। इस योजना से महिलाएं केवल लाभान्वित नहीं हो रही हैं, बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बन गयी हैं। आने वाले समय में और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जोहार योजना के दूसरे चरण में ‘मंईयां बलवान योजना’ और ‘मईयां उद्यमी योजना’ शुरू करने पर कार्य किया जा रहा है। युवाओं और महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नये कदम उठाये जायेंगे। अगले तीन साल में आजिविका और उद्यमिता को बढ़ाया जायेगा। माइक्रो इंटरप्राइजेज प्रारंभ करने के लिए पांच करोड़ रुपये तक कैपिटल इंसेंटिव देने की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है।
सीएम स्कूल आॅफ एक्सेलंसी आगे बढ़ रहा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां 12 से 13 लाख लोगों को पेंशन मिलती थी, अब यह संख्या बढ़कर 36 लाख हो गयी है। परित्यक्ता महिलाओं को भी पेंशन देने की व्यवस्था की गई है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दशार्ती है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर भी प्रकाश डाला। हेमंत सोरेन ने कहा कि सीएम स्कूल आॅफ एक्सीलेंस में हजारों छात्र आवेदन कर रहे हैं और इसी पहल के तहत 40 छात्र इंजीनियरिंग के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले 80 स्कूल आॅफ एक्सीलेंस थे, अब 100 और नये स्कूल खोले जायेंगे। शिक्षा के लिए कुल बजट का 12 प्रतिशत, यानी 18,800 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
निवेश और भविष्य की दिशा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहली बार दावोस गयी, जहां निवेश के नये अवसर प्राप्त हुए। उन्होंने भरोसा जताया कि सही नीतियों और प्रयासों के कारण सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे और झारखंड विकास के नये आयाम स्थापित करेगा।

सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी रखी बात:
हेमंत सोरेन ने आदिवासी मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि असम, मणिपुर या देश के किसी भी हिस्से में आदिवासियों की आवाज उठाना जरूरी है और झारखंड इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने सामाजिक संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि समाज में बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं और देश एक नाजुक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने लोगों से सोच-समझकर निर्णय लेने की अपील की।
विपक्ष पर साधा निशाना:
मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके (विपक्ष) कार्यों को देख कर ही जनता ने हमारी गठबंधन की सरकार को 2019 और 2014 में सावा करने का मौका दिया। उन्होेंने कहा कि राजनीति कार्य की होनी चाहिये। जिनके लिये हम काम कर रहे हैं, उनसे सीधा जुड़ें, उन तक सीधा लाभ पहुंचे, यही सही मायने मां राजनीति है। हमारी सरकार पूरी दृढ़ता के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित में काम कर रही है। राज्य में डबल इंजन नहीं, सिंगल इंजन की सरकार है। लोगों ने देखा कि किस तरह हमारी सरकार ने विगत छह वर्षों में सामाजिक सौहार्द को गढ़ा है। हमारा मानना है कि दृष्टि स्पष्ठ हो और संकल्प दृढ़ हो, तो सिमित संसाधनों में भी कई असंभव कार्यों को संभव बनाया जा सकता है। अंत में उन्होंने कहा कि जो लोग उम्मीद छोड़ चुके थे, उनमें अब फिर से विश्वास जागा है।
