Skip to main content

Birsa Times

इंडिया पोस्ट के राजस्व में 15.8% की बढ़ोतरी, ₹15,373 करोड़ तक पहुंचा कारोबार; पार्सल सेवाओं में 70% उछाल

इंडिया पोस्ट के राजस्व में 15.8% की बढ़ोतरी, ₹15,373 करोड़ तक पहुंचा कारोबार; पार्सल सेवाओं में 70% उछाल

नई दिल्ली। देश के डाक विभाग यानी इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्व के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। विभाग का राजस्व 15.8 प्रतिशत बढ़कर ₹15,373 करोड़ पहुंच गया। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने इसे विभाग के 170 वर्षों के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया। इस दौरान विभाग के राजस्व में करीब ₹2,100 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई।

पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में 70% की वृद्धि

इंडिया पोस्ट की पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से इस क्षेत्र को मजबूती मिली है। विभाग के अनुसार, पार्सल सेवाओं में भविष्य में ₹10,000 करोड़ तक राजस्व अर्जित करने की क्षमता है।

छह महानगरों में 24 और 48 घंटे की स्पीड पोस्ट सेवा

डाक सेवाओं को तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए छह महानगरों में 24 घंटे और 48 घंटे में डिलीवरी वाली स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की गई है। इसके अलावा ओटीपी आधारित डिलीवरी, एसएमएस ट्रैकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

डिजिटल सेवाओं के लिए ₹5,800 करोड़ का निवेश

इंडिया पोस्ट के आधुनिकीकरण के लिए आईटी 2.0 के तहत एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी पहल में ₹5,800 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इसका उद्देश्य डाक विभाग की सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत ग्राहक ऑनलाइन बचत योजनाओं और डाक जीवन बीमा पॉलिसियों का लाभ उठा सकेंगे। साथ ही डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करने और बीमा पॉलिसियों की परिपक्वता राशि सीधे बैंक खाते में लेने जैसी सुविधाओं को भी आसान बनाया जाएगा।

गांवों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रहा डाक विभाग

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से प्रतिवर्ष करीब ₹45,000 करोड़ की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए वितरित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक कर्मचारी मोबाइल फोन और बायोमेट्रिक उपकरणों की मदद से लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रहे हैं।

वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अब तक 3.8 करोड़ बालिकाओं का नामांकन किया जा चुका है। देशभर में लगभग 2.5 लाख ग्रामीण डाक सेवक इन योजनाओं और वित्तीय सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

आधुनिक बनेंगे देशभर के डाकघर

डाक विभाग शहरी डाकघरों को आधुनिक बनाने पर भी जोर दे रहा है। इसके तहत प्रत्येक डाकघर के आधुनिकीकरण पर लगभग ₹60 लाख से ₹70 लाख तक खर्च किए जा रहे हैं। नए डाकघरों में डिजिटल काउंटर, आधार अपडेट सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *