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हाईकोर्ट ने JSSC-CGL समेत अन्य नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर रोक रखी बरकरार, CID को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने JSSC-CGL समेत अन्य नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर रोक रखी बरकरार, CID को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC, JSSC CGL-2023 समेत CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामले में अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत बरकरार रखी है। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से नियुक्तियां और भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने के फैसले पर पहले से जारी अंतरिम रोक को बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को सुबह 10:30 बजे होगी।

सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए मिला दो दिन का समय

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में CID की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने और विस्तृत शपथ पत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। सरकार ने इसके लिए चार सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने लंबी मोहलत देने से इनकार करते हुए सरकार को केवल 48 घंटे का समय दिया।

अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार अपनी स्टेटस रिपोर्ट और आवश्यक जवाब निर्धारित समय में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। CID की जांच रिपोर्ट भी सीलबंद लिफाफे में पेश करने को कहा गया है।

अंतरिम आदेश रहेगा प्रभावी

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में पहले से पारित अंतरिम आदेश फिलहाल प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि JPSC, JSSC CGL-2023, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विज्ञापनों और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।

अदालत मामले की अगली सुनवाई में सरकार की रिपोर्ट और जवाब पर विचार करेगी। इसके बाद ही इस पूरे मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

चार भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है मामला

यह मामला JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC CGL-2023, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षाओं से संबंधित है। इन परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। मामले में याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल अभ्यर्थियों को राहत देते हुए अंतरिम आदेश जारी रखा है।

18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे निर्धारित की गई है। इस सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश की जाने वाली CID की जांच रिपोर्ट और शपथ पत्र महत्वपूर्ण होंगे। हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें अब हाईकोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं।

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