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मदद की गुहार बनी जाल! बेटी के इलाज के बहाने युवक को बुलाया, फिर अगवा कर बेरहमी से पीटा! जानें, पूरा मामला

मदद की गुहार बनी जाल! बेटी के इलाज के बहाने युवक को बुलाया, फिर अगवा कर बेरहमी से पीटा! जानें, पूरा मामला

रांची: रांची में 18 वर्षीय युवक के अपहरण और मारपीट के मामले में एक महिला का एंगल सामने आया है। आरोप है कि महिला ने अपनी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की बात कहकर युवक को गाड़ीखाना चौक बुलाया। युवक महिला की मदद के लिए एक हजार रुपये लेकर पहुंचा था, लेकिन इसी दौरान उसके साथ मारपीट कर उसे अगवा कर लिया गया। बाद में युवक को ओरमांझी टोल प्लाजा के पास एक ढाबे के नजदीक घायल हालत में बरामद किया गया।

मामले को लेकर युवक के पिता भूपेंद्र कुमार सिंह ने रांची के कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बेटी के इलाज के लिए मांगी थी आर्थिक मदद

एफआईआर के मुताबिक, गाड़ीखाना बीटी रोड निवासी भूपेंद्र कुमार सिंह का 18 वर्षीय बेटा किशन सिंह 29 सितंबर की शाम करीब 7:38 बजे घर से निकला था। उसने परिजनों से कहा था कि पीछे स्थित खटाल में एक कुत्ता बीमार पड़ा है और वह उसे वहां से हटाने जा रहा है।

रात करीब 9 बजे तक जब किशन वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में वह गाड़ीखाना चौक की ओर जाता दिखाई दिया, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने कोतवाली थाना में इसकी सूचना दी।

इलाज के बाद होश में आने पर किशन ने परिजनों को बताया कि रास्ते में उसे एक महिला मिली थी। महिला ने अपनी बेटी की तबीयत खराब होने और इलाज के लिए पैसों की जरूरत बताई थी। किशन के पास उस समय पैसे नहीं थे, इसलिए उसने अपने एक परिचित से एक हजार रुपये लेकर महिला की मदद करने का फैसला किया। इसके बाद वह गाड़ीखाना चौक पर महिला को पैसे देने पहुंचा था।

सिर पर हमला कर ऑटो में बैठाने का आरोप

किशन के बयान के मुताबिक, गाड़ीखाना चौक पर पहुंचने के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके सिर पर किसी कठोर वस्तु से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसे एक ऑटो में बैठाकर तीन लोग अपने साथ ले गए।

आरोप है कि ऑटो में सवार तीनों लोगों ने रास्ते में किशन के साथ मारपीट की। सिर में चोट लगने के कारण वह दोबारा बेहोश हो गया। कुछ समय बाद जब उसे होश आया तो आरोपियों ने उसे धमकी भी दी। प्राथमिकी में दर्ज बयान के अनुसार, आरोपियों ने उसे आगे भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

आधी रात को पिता के पास आया फोन

29 सितंबर की रात करीब 10:45 बजे किशन के पिता के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन पर किशन ने घबराई हुई आवाज में अपने पिता से मदद की गुहार लगाई। उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की है और उसे काफी चोट लगी है।

फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि किशन ओरमांझी टोल प्लाजा के पास स्थित एक ढाबे के नजदीक है। सूचना मिलने के बाद परिजनों ने तत्काल कोतवाली थाना प्रभारी को मामले की जानकारी दी।

ओरमांझी से घायल हालत में बरामद हुआ किशन

सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ पीड़ित के पिता को लेकर ओरमांझी की ओर रवाना हुए। ओरमांझी थाना पुलिस को भी युवक की तलाश और बरामदगी के लिए सूचना दी गई।

कुछ देर बाद ओरमांझी थाना प्रभारी किशन को लेकर थाना पहुंचे। युवक काफी डरा हुआ था और चोट के कारण ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। इसके बाद पिता के अनुरोध पर कोतवाली थाना प्रभारी उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल रांची लेकर पहुंचे।

इलाज के बाद किशन ने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके आधार पर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।

महिला समेत तीन अज्ञात लोगों की तलाश

किशन के पिता ने प्राथमिकी में एक महिला और ऑटो सवार तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि महिला ने बहाने से उनके बेटे को बुलाया और इसके बाद उसे अगवा कर उसके साथ मारपीट की गई।

पुलिस के सामने अब यह जांच का विषय है कि महिला ने वास्तव में अपनी बेटी के इलाज के लिए मदद मांगी थी या युवक को बुलाने के लिए यह किसी साजिश का हिस्सा था। कोतवाली थाना में 1 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर इनकेतान कुमार को सौंपी गई है। पुलिस महिला और ऑटो में सवार तीनों अज्ञात आरोपियों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

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