दुमका: झारखंड के दुमका जिले में फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने पहुंचे दो युवकों की साजिश ग्रामीणों की सतर्कता से नाकाम हो गई। मसलिया थाना क्षेत्र के पाटनपुर गांव में शनिवार को दोनों युवक खुद को देवघर जिले के सारठ थाना का पुलिसकर्मी बताकर एक विधवा महिला के घर पहुंचे और पूछताछ के नाम पर दबाव बनाकर वसूली की कोशिश करने लगे। हालांकि, महिला के बेटे की सूझबूझ से दोनों की पोल खुल गई और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, पाटनपुर निवासी निरंजन गोराई अपनी मां के साथ रहते हैं। शनिवार को चारपहिया वाहन से पहुंचे दो युवक उनकी दुकान पर आए और खुद को सारठ थाना की पुलिस बताते हुए पूछताछ शुरू कर दी। दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर निरंजन को शक हुआ। उन्होंने बिना किसी विवाद के तत्काल मसलिया थाना पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही गांव के लोगों ने दोनों आरोपियों को घेर लिया। भागने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने उन्हें बिजली के खंभे से बांध दिया। सूचना मिलते ही मसलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने कब्जे में लेकर थाना ले गई।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं।
ग्रामीणों की सतर्कता और मसलिया थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित ठगी और बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते टाल दिया गया।
