-40 भुइयां परिवारों को मिला आवागमन का अधिकार,जल मीनार की मरम्मत के भी दिए निर्देश
आदिवासी एक्सप्रेस/लवकुश पांडेय
बरडीहा,(गढ़वा): प्रखंड के जतरों गांव स्थित महादलित (भुइयां) टोले के लगभग 40 परिवारों को वर्षों से बंद पड़े रास्ते से आखिरकार राहत मिल गई।प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने मंगलवार को करीब 13 किलोमीटर की यात्रा कर दुर्गम रास्तों से पैदल महादलित टोले पहुँचकर विवाद का समाधान कराया और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करा दिया।जनता दरबार में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सेमरी गांव के मुख्य मार्ग पर कथित अतिक्रमण के कारण भुइयां टोले के लोगों का आवागमन वर्षों से बाधित था।मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ स्वयं सुबह मौके के लिए रवाना हुए।सेमरी गांव तक वाहन से पहुंचने के बाद उन्होंने नहर,खेत और कीचड़ भरे करीब एक किलोमीटर के रास्ते को पैदल पार कर सुबह करीब 7:30 बजे टोले में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।निरीक्षण के दौरान विवादित स्थल पर दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने लगी। स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में रास्ते से अवरोध हटवाकर उसे आम लोगों के आवागमन के लिए बहाल कराया गया।इस दौरान ग्रामीणों ने बंद पड़ी जल मीनार की समस्या भी उठाई। बीडीओ ने संबंधित कर्मियों को तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश देते हुए जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया।बीडीओ-सह-सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण और कमजोर वर्ग के लोगों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के बाद महादलित टोले के ग्रामीणों ने राहत जताते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
13 किमी पैदल चलकर महादलित टोले पहुँचे BDO, वर्षों से बंद रास्ता खुलवाया
