रिपोर्ट: महेन्द्र कुमार गौतम
जालौन। जालौन जिले की तहसील माधौगढ़ के ग्राम सरावन की होनहार बेटी अंजली राठौर ने बिना किसी कोचिंग के केवल घर पर पढ़ाई कर नीट (NEET) परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है।अंजली के पिता देवेंद्र कुमार राठौर ने बताया कि बेटी शुरू से ही पढ़ाई में मेहनती रही है। उसकी सफलता में सबसे बड़ा योगदान उसकी मां का रहा, जिन्होंने हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। अंजली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और दादा-दादी को भी दिया, जिनके सहयोग और आशीर्वाद से वह डॉक्टर बनने की राह पर आगे बढ़ सकी।
अंजली ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई जालौन से पूरी की। इसके बाद उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और घर पर नियमित अध्ययन कर नीट परीक्षा की तैयारी की। वह प्रतिदिन लगभग 12 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर बनने की प्रेरणा उन्हें टीवी पर प्रसारित मेडिकल आधारित धारावाहिक देखकर मिली, जिसके बाद उन्होंने इसी लक्ष्य को अपना सपना बना लिया। परिवार में अंजली से छोटी एक बहन और एक भाई हैं। उनकी सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है और गांव के लोग भी उन्हें बधाई दे रहे हैं।
अंजली ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और पूरी लगन व अनुशासन के साथ मेहनत की जाए, तो बिना कोचिंग के भी बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, नियमित पढ़ाई और परिवार का सहयोग सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
अंजली राठौर की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

