फेसबुक-इंस्टाग्राम पर फोटो लगाकर दोस्तों से मांगे रुपये
-दो लोगों के 87 हजार रुपए चंपत कर गए ठग, जांच में जुटी पुलिस
आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : साइबर अपराधियों ने अब सोशल मीडिया को ठगी का नया हथियार बना लिया है।हंटरगंज थाना क्षेत्र के खूटहेरा गांव निवासी सूर्यभान साव के नाम और फोटो का दुरुपयोग करते हुए अज्ञात साइबर ठगों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बना ली। इसके बाद ठग ने उनके दोस्तों और रिश्तेदारों को इमरजेंसी का हवाला देकर रुपये मांगने शुरू कर दिए। झांसे में आकर दो लोगों ने कुल 87 हजार रुपये ठगों के खाते में भेज दिए।पीड़ित ने बताया कि वह ओमान में मजदूरी करता है और छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ है। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी तस्वीर लगाकर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट तैयार कर लिया। इसके बाद आरोपी ने मैसेंजर और व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को संदेश भेजकर तत्काल पैसों की जरूरत बताई और साथ में QR कोड भेजकर ऑनलाइन भुगतान कराने लगा।इस धोखाधड़ी में प्रिंस कुमार ने 27 हजार रुपये तथा अब्दुल्ला खान ने 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब बाद में बातचीत हुई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ और सभी के होश उड़ गए।घटना के बाद सूर्यभान साव ने हंटरगंज थाना में लिखित शिकायत देकर साइबर ठगों की पहचान कर गिरफ्तारी, ठगी गई राशि वापस दिलाने तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके नाम से सोशल मीडिया पर यदि कोई पैसे मांगे तो बिना पुष्टि किए किसी भी हालत में रुपये न भेजें।पुलिस इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इमरजेंसी का संदेश मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति से फोन या आमने-सामने संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें। बिना पुष्टि के किसी भी खाते या QR कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें।
फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर 87 हजार की ठगी, ‘इमरजेंसी’ का बहाना बनाकर दोस्तों से ऐंठे रुपये
