Birsa Times

गोहपारू के ग्राम पंचायत नवा टोला में भ्रष्टाचार की ‘पुलिया’, बिना कैप बीम के खड़ा किया मौत का ढांचा

गोहपारू के ग्राम पंचायत नवा टोला में भ्रष्टाचार की ‘पुलिया’, बिना कैप बीम के खड़ा किया मौत का ढांचा

शहडोल से राजेश कुमार यादव

शहडोल। जनपद पंचायत गोहपारू के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नवा टोला से भ्रष्टाचार की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो तकनीकी समझ रखने वालों के होश उड़ा देगी। यहाँ हरिजन बस्ती में अनू के घर के पास बनाई गई पुलिया विकास का कम और ‘विनाश’ का प्रतीक अधिक नजर आ रही है। लाखों की लागत से बन रही इस पुलिया में इंजीनियरों ने “कैप बीम” का प्रावधान ही खत्म कर दिया है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।

इंजीनियरिंग के सिद्धांतों की हत्या

पुलिया निर्माण में कैप बीम (Cap Beam) वह महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जो खंभों को आपस में जोड़ता है और ऊपर से आने वाले भारी वजन को बराबर बांटता है। नवा टोला की इस पुलिया में बिना कैप बीम के निर्माण करा दिया गया है

सीधा खतराः बिना बीम के पुलिया का ऊपरी हिस्सा (Slab) कभी भी बीच से टूट सकता है।

भ्रष्टाचार की बूः बीम न डालकर सरिया और सीमेंट की भारी बचत की गई है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

हरिजन बस्ती में आक्रोशः “गरीबों की जान की कीमत कुछ नहीं?”

अनू के घर के पास रहने वाले ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण का कड़ा विरोध किया है। बस्ती के लोगों का कहना है कि प्रशासन यह सोचकर चुप है कि यहाँ कोई देखने वाला नहीं है। घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी खामियों के कारण यह पुलिया पहली ही तेज बारिश में भरभरा कर गिर सकती है।

सवालों के घेरे में जिम्मेदार अधिकारी

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब यह निर्माण चल रहा था, तब जनपद पंचायत के उपयंत्री (Sub Engineer) कहाँ थे? क्या उनकी मर्जी से ही मानकों को ताक पर रखा गया?

  1. क्या इस निर्माण का नक्शा और स्टीमेट बिना कैप बीम के पास हुआ था?

2.अगर स्टीमेट में बीम थी, तो उसे मौके से क्यों गायब किया गया?

  1. जनता की जान को जोखिम में डालने वाले दोषियों पर FIR कब होगी?

चेतावनी: जांच नहीं तो आंदोलन

नवा टोला के ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के आला अधिकारियों ने मौके पर आकर जांच नहीं की और इस त्रुटि को नहीं सुधारा, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। क्षेत्र में इस “अधूरे और असुरक्षित” निर्माण को लेकर भारी तनाव व्याप्त है।

“सरकार पैसा भेजती है कि गाँव का भला हो, लेकिन यहाँ के ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी मिलकर सरकारी खजाने को चूना लगा रहे हैं। बिना कैप बीम के पुलिया बनाना जनता के साथ धोखा है।” – स्थानीय निवासी

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *