गिरिडीह। जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत धर्मपुर गांव पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गांव की बत्ती गुल होने से न सिर्फ लोगों की रातें काली हो रही हैं, बल्कि रोजमर्रा के जरूरी काम भी ठप पड़ गए हैं। बिजली संकट को लेकर अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है और विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले सात दिनों से बिजली न होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी इस उमस भरी गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। खेती-बाड़ी ठप, बिजली के अभाव में किसानों के मोटर बंद पड़े हैं, जिससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। मोबाइल चार्ज करने से लेकर पानी की सप्लाई और अन्य जरूरी घरेलू काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब छह महीने पहले भी गांव का ट्रांसफार्मर जल गया था। उस वक्त ग्रामीणों ने चंदा जमा कर बिजली विभाग से नया ट्रांसफार्मर लगाने की गुहार लगाई थी। विभाग ने हमारी जायज मांग को दरकिनार करते हुए नया ट्रांसफार्मर देने के बजाय एक पुराना रिपेयर किया हुआ ट्रांसफार्मर लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि छह महीने के भीतर ही वह दोबारा खराब हो गया और आज पूरा गांव अंधेरे में है।
गांव के स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से अविलंब संज्ञान लेने का आग्रह किया है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि गांव में जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली बहाल नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
धर्मपुर गांव एक सप्ताह से अंधेरे में, भीषण गर्मी में ग्रामीण बेहाल
