विभागीय लापरवाही और लाइनमैनों की कार्यशैली पर थाना रोड के निवासियों ने उठाए सवाल
बिजली विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया
गिरिडीह। एक ओर जहां पूरा इलाका भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, वहीं जमुआ के थाना रोड स्थित उपभोक्ता बिजली विभाग की घोर लापरवाही और स्थानीय मिस्त्रियों की मनमानी से त्रस्त हैं। आलम यह है कि पिछले कुछ दिनों के अंदर थाना रोड के तीन-तीन ट्रांसफार्मर एक के बाद एक जल चुके हैं, जिससे सैकड़ों घर अंधेरे में डूब गए हैं।
जनता ने चंदा कर मंगाया ट्रांसफार्मर, फिर भी नहीं मिली राहत
हैरानी की बात यह है कि विभागीय सुस्ती को देखते हुए स्थानीय लोगों ने खुद चंदा कर राशि एकत्रित की और ट्रांसफार्मर मंगाया। लेकिन बिजली विभाग और स्थानीय लाइनमैनों की तकनीकी लापरवाही के कारण यह नया ट्रांसफार्मर भी मात्र 10-12 घंटों के भीतर जवाब दे गया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही और लाइनमैनों की अकर्मण्यता का नतीजा है।
लाइनमैन और स्थानीय मिस्त्रियों की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारी और स्थानीय मिस्त्री अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं। बार-बार ट्रांसफार्मर जलना यह दर्शाता है कि लोड मैनेजमेंट और तकनीकी रखरखाव में भारी चूक हो रही है। इस तपती गर्मी में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का हाल बेहाल है, लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।
आंदोलन की चेतावनी
थाना रोड के निवासियों ने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल इस मामले की जांच की जाए कि आखिर नए ट्रांसफार्मर बार-बार क्यों जल रहे हैं। यदि जल्द ही सुचारू रूप से बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थानीय लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
उच्चाधिकारियों को सुधार लाने की चेतावनी
सांसद प्रतिनिधि राजेंद्र यादव ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी हैं कि यदि जल्द ही थाना रोड की विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं की गई और लापरवाह लाइनमैनों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इसकी शिकायत विभाग के उच्चाधिकारियों समेत उपायुक्त से करेंगे। उन्होंने कहा है कि विद्युत विभाग तुरंत योग्य मिस्त्रियों की टीम भेजकर फॉल्ट को स्थायी रूप से ठीक करें। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग में नीचे से लेकर ऊपर तक सारा सिस्टम फेल है, इसी कारण आम जनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
