हुल दुबे गैंग के 4 अपराधी गिरफ्तार
आदिवासी एक्सप्रेस
हजारीबाग। जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत 13 माइल पुल के पास 22 अप्रैल 2026 को हाईवा गाड़ी में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के चार सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना के बाद अपराधियों द्वारा मौके पर हस्तलिखित पर्चा छोड़कर जिम्मेदारी ली गई थी, जिस पर प्रकाश शुक्ला, मयंक सिंह, राहुल दुबे गैंग, अंकित पाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बड़कागांव पवन कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई
23 अप्रैल को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चंदौल गांव के हथिया पत्थर जंगल में कुछ अपराधी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद SIT टीम ने रणनीति बनाकर जंगल में छापेमारी की। इस दौरान चार संदिग्ध व्यक्तियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया, जो भागने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ्तार अपराधियों में मो० एजाज (21 वर्ष) मो० अफताब (22 वर्ष) मो० सलामत अंसारी (24 वर्ष)
तुसार सिन्हा (22 वर्ष) (सभी निवासी – पुन्दौल, थाना बड़कागांव, जिला हजारीबाग) शामिल हैं।
इस कार्रवाई में 7.65 एमएम देशी पिस्टल – 02
9 एमएम पिस्टल – 01, जिंदा कारतूस – 11, हस्तलिखित पर्चा – 09, एंड्रॉयड मोबाइल – 04 बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे राहुल दुबे गैंग के लिए काम करते हैं। पूर्व में भी उरीमारी क्षेत्र में गाड़ियों में आगजनी की घटनाओं में शामिल रहे हैं और जेल जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल की घटना भी राहुल दुबे के निर्देश पर ही अंजाम दी गई थी, जिसमें एनटीपीसी से जुड़े वाहनों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की साजिश थी। घटना के दौरान कुछ आरोपी आंशिक रूप से झुलस भी गए थे।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि गिरोह आज पुनः कोल माइंस क्षेत्र में आगजनी की बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में मो० सलामत अंसारी और मो० एजाज के खिलाफ बड़कागांव, उरीमारी और टंडवा थाना में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस सफल कार्रवाई में अमित आनंद, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर, पवन कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव, थाना प्रभारी दीपक कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश नाकाम कर दी गई है।
