मोकामा। मध्य विद्यालय, मोर में कार्यरत शिक्षिका वंदना कुमारी का इलाज के दौरान निधन हो जाने से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड गई है। उनके असमय निधन से न केवल विद्यालय ने एक समर्पित शिक्षिका को खो दिया, बल्कि छात्रों ने भी अपनी प्रिय गुरु को हमेशा के लिए खो दिया।
प्राप्त जानकारी के अन्सार, 10 जुलाई 2026 को वंदना कमारी जिस टेम्पर से यात्रा कर रही थीं, वह बाढ के गौरक्षिणी के समीप एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित पिकअप वाहन की चपेट में आ गया। हादसे में वंदना कृमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं प्राथमिक उपचार के बाद उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें पटना रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में चिकित्सकों के अथक प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके निधन की खबर मिलते ही मोकामा के शिक्षकों और शिक्षा प्रेमियों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। मोकामा प्राथमिक शिक्षक संघ एवं बिहार अराजपत्रित शिक्षक संघ के नेतत्व में शिक्षकों ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा
श्रद्धांजलि सभा में मोकामा प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनीष कुमार, सचिव सरोज कुमारी, बिहार अराजपत्रित शिक्षक संघ के सचिव अमित कुमार, आनंद शंकर, मुरारी, रंजीत, संजीव जितेंद्र, रमाकांत कमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। सभी ने वंदना कुमारी को एक कर्मनिष्ठ, संवेदनशील और विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति समर्पित शिक्षिका बताते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा महसस की जाएगी।इस अवसर पर शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार से दिवंगत शेक्षिका के आश्रित परिवार को सरकारी नौकरी, उचित मआवजा तथा हरसंभव आथिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही सड़क दर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की प्नरावत्ति रोकने के लिए ठोस एवं स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सर्निश्चित करने की भी अपील की।
वंदना कुमारी का जाना शिक्षा जगत के लिए ऐसी अपरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। उनकी सादगी, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेह हमेशा लोगों की स्मतियों में जीवित
रहेगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दख को सहने की शक्ति प्रदान करें
मोकामा में भीषण सड़क हादसे में शिक्षिका वंदना कुमारी का निधन, शिक्षा जगत में शोक की लहर
