आदिवासी एक्सप्रेस ब्यूरो अजय कुमार कुशवाहा
राजमहल प्रखंड अंतर्गत तीनपहाड़ एवं आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात से जारी मूसलाधार बारिश का व्यापक असर मंगलवार को जनजीवन पर देखने को मिला। लगातार हुई वर्षा के कारण तीनपहाड़–राजमहल मुख्य मार्ग पर बभनगामा मोड़ के समीप स्थित झपाई पुल पर पानी चढ़ जाने से करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान पुल के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग छह बजे तेज बहाव के साथ झपाई पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इसके कारण लालबन, परड़िया, कांजीगांव, कल्याणचक सहित आसपास के दर्जनभर गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से अस्थायी रूप से प्रभावित हो गया। स्कूल, कार्यालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
करीब सुबह आठ बजे जलस्तर में कमी आने और पुल से पानी निकलने के बाद प्रशासन की निगरानी में धीरे-धीरे वाहनों का परिचालन फिर से शुरू कराया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली।
लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी रही, जिससे ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि किसानों ने इस वर्षा को धान की खेती और खरीफ फसलों के लिए लाभकारी बताया। उनका कहना है कि समय पर हुई अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी है, जिससे खेती के कार्यों में तेजी आएगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम में झपाई पुल सहित अन्य संवेदनशील पुलों और सड़कों की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भारी बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। प्रशासन से ऐसे स्थानों पर समय रहते सुरक्षा इंतजाम और चेतावनी संकेत लगाने की भी अपील की गई है।
