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गोहपारू में बिजली विभाग की खुली घूसखोरी: दुकान का तार जोड़ने के नाम पर लाइनमैन ने लिए ₹200, वीडियो

गोहपारू में बिजली विभाग की खुली घूसखोरी: दुकान का तार जोड़ने के नाम पर लाइनमैन ने लिए ₹200, वीडियो

राजेश कुमार यादव
गोहपारू विद्युत वितरण केंद्र गोहपारू के अंतर्गत आने वाले मुख्य बाजार क्षेत्र में बिजली विभाग के मैदानी कर्मचारियों की मनमानी और अवैध वसूली का एक जीवंत उदाहरण सामने आया है। यहाँ एक व्यवसायी की दुकान का टूटा बिजली का तार जोड़ने के एवज में विभाग के लाइनमैन द्वारा खुलेआम ₹200 की रिश्वत ली गई। लाइनमैन द्वारा पैसे लेने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिकारियों को सूचना के बाद पहुंचे, फिर भी की वसूली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज गोहपारू निवासी पवन गुप्ता की दुकान का मुख्य खंभे से आने वाला बिजली का सर्विस तार अचानक टूट गया था। दुकान की बिजली गुल होने के कारण व्यवसाय प्रभावित न हो, इसके लिए उपभोक्ता पवन गुप्ता द्वारा तत्काल इसकी सूचना बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई थी।

अधिकारियों के निर्देश पर लाइनमैन मौके पर पहुंचा तो सही, लेकिन उसने सरकारी दायित्व निभाने के बजाय अपनी जेब गर्म करने को प्राथमिकता दी। पीड़ित पवन गुप्ता ने आरोप लगाया है कि लाइनमैन ने लाइट बनाने और तार जोड़ने के नाम पर उनसे ₹200 की मांग की। उपभोक्ता द्वारा मजबूरी में पैसे देते समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी लेनदेन का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।

क्या ऊपर तक जाती है रिश्वत की रकम? उठ रहे
सवाल
गोहपारू में लाइनमैन द्वारा सरेआम की गई इस अवैध वसूली के बाद अब क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इन मैदानी कर्मचारियों को विभाग के बड़े अधिकारियों का मूक संरक्षण प्राप्त है? सूत्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मैदानी अमले द्वारा की जाने वाली इस तरह की वसूली का एक हिस्सा कथित तौर पर ऊपर बैठे कनिष्ठ अभियंता (JE) या अन्य जिम्मेदार अधिकारियों तक भी पहुंचता है। यही वजह है कि आए दिन होने वाली ऐसी शिकायतों पर वरिष्ठ अधिकारी अक्सर पर्दा डाल देते हैं और छोटे कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।

आम उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश
इस घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद गोहपारू के स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब सरकार और विभाग बिजली संबंधी समस्याओं के मुफ्त और त्वरित निवारण का दावा करते हैं, तो मैदानी स्तर पर इस तरह की अवैध वसूली क्यों की जा रही है? उपभोक्ताओं का आरोप है कि छोटे-मोटे सुधार कार्य जैसे फ्यूज बांधना या सर्विस लाइन ठीक करने के लिए भी कर्मचारियों को अलग से पैसे देने पड़ते हैं, जो कि पूरी तरह गैरकानूनी है।

इनका कहना है
मेरे से लाइनमैन हनुमान रावत के द्वारा के द्वारा 200 सौ ले लिए है तार जोड़ने के लिए मै सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत कर चुका हू जब इस संबंध मे इंजीनियर से सम्पर्क कराने के कोशिश किया लेकिन फोन नही लगा

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