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गोहपारू-जयसिंहनगर बॉर्डर पर दो ट्रकों में आमने-सामने भीषण भिड़ंत, डायल 112 एफआरबी 10 जयसिंहनगर आरक्षक रोहित यादव एवं पायलट चैन सिंह ने देवदूत बनकर तुरंत पहुंचे

गोहपारू-जयसिंहनगर बॉर्डर पर दो ट्रकों में आमने-सामने भीषण भिड़ंत, डायल 112 एफआरबी 10 जयसिंहनगर आरक्षक रोहित यादव एवं पायलट चैन सिंह ने देवदूत बनकर तुरंत पहुंचे

राजेश कुमार यादव

गोहपारू और जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के सरहद पर स्थित (चुदी) नदी के बॉर्डर पर आज सुबह 6 बजे उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब दो तेज रफ्तार ट्रकों के बीच आमने-सामने से सीधी और बेहद जोरदार भिड़ंत हो गई। सुबह करीब 6 बजे हुए इस भीषण हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा इलाका दहल उठा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से (केबिन) ताश के पत्तों की तरह पिचक गए। इस दर्दनाक हादसे में दोनों ट्रकों के चालकों के पैर बुरी तरह टूट गए और वे लहूलुहान हालत में केबिन के लोहे के मलबे के बीच ही फंसकर तड़पने लगे।

मलबे में फंसी थी सांसें, देवदूत बनकर पहुंची डायल 112 की टीम

हादसे के बाद अलसुबह के समय मौके पर कोहराम मचा हुआ था। इसी बीच जैसे ही हादसे की सूचना मिली, जयसिंहनगर डायल 112 (FRB 10) की टीम ने कर्तव्यपरायणता और मुस्तैदी की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की। सूचना मिलते ही आरक्षक रोहित यादव और पायलट चैन सिंह ने बिना एक सेकंड गंवाए अपनी गाड़ी को मौके के लिए रवाना किया और पलक झपकते ही घटनास्थल पर पहुंच गए।

वहां की स्थिति बेहद नाजुक थी; केबिन पूरी तरह से चपटे हो चुके थे और जरा सी लापरवाही चालकों की जान ले सकती थी। ऐसे संकट के समय में आरक्षक रोहित यादव और पायलट चैन सिंह ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।

आरक्षक रोहित यादव और पायलट चैन सिंह की जांबाजी की क्षेत्र में चर्चा

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी क्रेन या भारी कटर के इंतजार में वक्त बर्बाद किए, तुरंत मोर्चा संभाला। आरक्षक रोहित यादव ने अपनी सूझबूझ से स्थानीय ग्रामीणों को इकट्ठा किया और खुद मलबे के पास जाकर फंसे हुए चालकों का हौसला बढ़ाया। वहीं पायलट चैन सिंह ने अपनी तकनीकी समझ और सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए भारी लोहे के हिस्सों को हटाने में मदद की।

दोनों जांबाजों ने स्थानीय लोगों की मदद से बेहद पेचीदा और जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उन्होंने सावधानीपूर्वक पिचके हुए केबिन को खिंचवाया और मलबे को कतरवाकर दोनों लहूलुहान चालकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद बिना वक्त गंवाए अपनी तत्परता से घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया। यदि आरक्षक रोहित यादव और चालक चैन सिंह ने यह त्वरित निर्णय और जांबाजी न दिखाई होती, तो अत्यधिक खून बहने के कारण कोई अप्रिय घटना घट सकती थी। मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों पुलिसकर्मियों की इस वीरता और सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर में इलाज जारी, बॉर्डर पर लगा लंबा जाम

डायल 112 की टीम द्वारा रेस्क्यू किए जाने के बाद दोनों घायल चालकों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जयसिंहनगर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। चूंकि दोनों के पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

चूंकि यह हादसा गोहपारू और जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के बिल्कुल बॉर्डर (चुदी नदी) पर हुआ, इसलिए सूचना के बाद दोनों थानों की पुलिस टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। बीच सड़क पर दोनों ट्रकों के फंसने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों का कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने क्रेन को बुलाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से किनारे करवाया और कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को पूरी तरह सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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