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असम के विशेष मुख्य सचिव एम .के . यादव की विवादास्पद नियुक्ति पर सवाल, निर्वाचन आयोग व मुख्य सचिव से तत्काल समाप्ति की मांग।

असम के विशेष मुख्य सचिव एम .के . यादव की विवादास्पद नियुक्ति पर सवाल, निर्वाचन आयोग व मुख्य सचिव से तत्काल समाप्ति की मांग।

पंकज नाथ, असम, आदिवासी एक्सप्रेस :

असम सरकार द्वारा पूर्व मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ ) एम. के. यादव की सेवानिवृत्ति के बाद विशेष मुख्य सचिव (पर्यावरण एवं वन विभाग) के पद पर अनियमित नियुक्ति को लेकर विवाद तेज हो गया है। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पूर्ण प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियों के साथ नियुक्त किया जाना राज्य सरकार के अपने नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। एम.के. यादव 29 फरवरी 2024 को पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके पदावधि विस्तार के आवेदन को केंद्रीय मंत्रिमंडल नियुक्ति समिति ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद, असम सरकार ने आदेश संख्या AAP.23/2024/6 (दिनांक 29.02.2024) एवं AAP.23/2024/45 (दिनांक 11.03.2024) के माध्यम से उन्हें पर्यावरण एवं वन विभाग में विशेष मुख्य सचिव के पद पर अनुबंध आधार पर 1 वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त कर दिया। यह कदम अभूतपूर्व था, क्योंकि विशेष मुख्य सचिव के पद सामान्यतः शीर्ष स्तर (लेवल-17) के वरिष्ठतम IAS अधिकारियों के लिए आरक्षित होते हैं। राज्य सरकार के ही अधिसूचना संख्या AAP.98/2017/30 (दिनांक 18.07.2018) में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को केवल परामर्शदाता, विशेष कर्तव्य अधिकारी या विशेष कार्यकारी अधिकारी आदि के रूप में 1 वर्ष के लिए नियुक्त करने का प्रावधान है, न कि विभागाध्यक्ष या विशेष मुख्य सचिव के रूप में पूर्ण शक्तियों के साथ। उनके 1 वर्ष की अवधि 28 फरवरी 2025 को समाप्त होने के बाद उनकी नियुक्ति को अधिसूचना संख्या FE No.524038/66 (दिनांक 21.02.2025) के जरिए “राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के सह-समाप्ति” तक बढ़ा दिया गया। यह आदेश असामान्य था, क्योंकि सरकार एक सतत संस्था है और विधानसभा का ही कार्यकाल सीमित होता है। यह अधिसूचना 2018 के नियमों का भी उल्लंघन करती है, जो केवल 1 वर्ष की पुनर्नियुक्ति की अनुमति देती है। राज्य के मुख्य सचिव को भी अधिकतम 6 माह का विस्तार मिल सकता है, जबकि यादव को स्थायी रूप से नियुक्ति दी गई, जो अत्यंत असंगत है। असम में 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुका है, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) 15 मार्च 2026 से 4 मई तक लागू रहने के बावजूद, उनका नियुक्ति अबतक समाप्त नहीं किया गया है। जिसके कारण सतर्क मंडल ने निर्वाचन आयोग तथा मुख्य सचिव से एम.के. यादव की नियुक्ति तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है। पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के हित में राजनीतिक स्वभाव की इस असामान्य नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई है। सचेत मंडली ने निर्वाचन आयोग से असम सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। यह मामला असम की प्रशासनिक प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर करता है और चुनावी माहौल में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

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