Birsa Times

कोटालपोखर में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी, 20 दुकानों व होटलों की जांच

कोटालपोखर में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी, 20 दुकानों व होटलों की जांच

आदिवासी एक्सप्रेस ब्यूरो साहिबगंज
अजय कुमार कुशवाहा

मिठाइयों व छोले में हानिकारक रंगों के उपयोग का खुलासा, नमूने जब्त कर जांच को भेजे गए; गंदगी मिलने पर सात दिन में सुधार का नोटिस

कोटालपोखर, साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड अंतर्गत कोटालपोखर क्षेत्र में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने क्षेत्र की करीब 15 से 20 दुकानों, मिठाई प्रतिष्ठानों एवं होटलों में औचक छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था तथा लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से छोले, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों को आकर्षक बनाने के लिए प्रतिबंधित एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कृत्रिम रंगों का उपयोग किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर ही ऐसे खाद्य पदार्थों को नष्ट करवाते हुए संबंधित दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी।

निरीक्षण के क्रम में टीम ने पाया कि कुछ दुकानों में ग्राहकों को पकौड़ी, पूरी और अन्य खाद्य सामग्री अखबार पर परोसी जा रही थी। इस पर अधिकारियों ने दुकानदारों को तत्काल इस प्रथा को बंद करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि अखबार की छपाई में प्रयुक्त स्याही और रासायनिक तत्व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, जो खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

अभियान के दौरान कई संदिग्ध खाद्य सामग्रियों के नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। साथ ही विभिन्न दुकानों के खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाणपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई। जिन प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों की अनदेखी और गंदगी पाई गई, उन्हें सात दिनों के भीतर स्थिति में सुधार करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि आम जनता को शुद्ध, सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे स्वच्छ एवं लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर विभाग को सूचित करें।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *