गिरिडीह। जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत जलीय सूर्य मंदिर तालाब से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ तालाब में मौजूद सभी मछलियां, सांप, मेढ़क और अन्य जलीय जीव-जंतु रहस्यमयी परिस्थिति में मृत पाए गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। इस घटना की सूचना दूरभाष के माध्यम से उपायुक्त, खोरीमहुआ एसडीएम, स्थानीय प्रशासन को भी दिया गया।
सुबह-सुबह हुआ घटना का खुलासा
जानकारी के अनुसार, रोज़ की तरह सुबह जब कुछ स्थानीय लोग सूर्य मंदिर तालाब के पास से गुजर रहे थे, तब एक व्यक्ति की नज़र तालाब के पानी पर पड़ी। उसने देखा कि सैकड़ों की संख्या में मछलियां और अन्य जलीय जीव पानी की सतह पर तैर रहे थे और सभी मृत थे। पानी पीने के कारण कई पक्षी भी मृत पड़े हैं। देखते ही देखते यह खबर पूरे जमुआ और आस-पास के इलाके में आग की तरह फैल गई। भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु स्थिति को देखने के लिए मंदिर परिसर में जमा हो गए।
समिति ने की बैठक, प्रशासन की बेरुखी पर नाराजगी
घटना के बाद सूर्य मंदिर समिति की एक आपातकालीन बैठक हुई। जिसमें मंदिर समिति के अध्यक्ष सदानंद साव, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, पंसस नीरज गुप्ता, समाजसेवी सुमित रंजन दाराद, विक्रम शर्मा, दीपक राणा, सुजीत यादव, सौरभ सेठ, कुलदीप राय, कुलदीप पासवान, सनी साहा, विकास सिन्हा, लखन राम, चुरामन राम, नवीन राय, विक्रम साहा सहित कई मौजूद थे। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी अब तक किसी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने सुध नहीं ली है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से यह मांग किया हैं कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मामले की जांच कराई जाए। तालाब के पानी और मृत जीवों के सैंपल लेकर जांच की जाए कि इसमें कौन सा जहरीला पदार्थ मिलाया गया है, और इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले दोषियों की पहचान कर उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मृत जीवों को जल्द से जल्द पानी से निकाला जाए ताकि महामारी या बदबू की स्थिति पैदा न हो।
आखिर कैसे हुई जलीय जीवों की मौत
तालाब में मौजूद हर छोटे-बड़े जीव की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच इसके मुख्य रूप से दो कारणों की चर्चा हो रही है, पानी में जहर घोले जाने की आशंका, ग्रामीणों को अंदेशा है कि किसी शरारती या असामाजिक तत्व ने जानबूझकर तालाब के पानी में कोई जहरीला पदार्थ मिला दिया है, जिससे पल भर में पूरे तालाब का इकोसिस्टम तबाह हो गया। ऑक्सीजन की भारी कमी या प्रदूषण: कुछ लोगों का यह भी मानना है कि भीषण गर्मी या पानी में किसी अन्य रासायनिक प्रदूषण के कारण ऑक्सीजन का स्तर अचानक शून्य हो गया होगा।
