लखीसराय/ कजरा
डॉ.आर लाल गुप्ता
कजरा सूर्यगढ़ा सड़क मार्ग से जुड़ने वाली पोस्ट ऑफिस गली कजरा के मुहाने पर स्थित पहाड़ी नदी इन दिनों आसपास के लोगों के लिए कूड़ा दान बना हुआ है। जिससे यह नदी जाम हो गया और कूड़ा के सड़ने से गंदगी फैला हुआ है जिसे इधर से गुजरने वाले लोगों को इसके दुर्गंध से दो चार होना पड़ता है। जानकारी हो कि करीब दस वर्ष पूर्व इन्ही पहाड़ी नदी को जाम होने के कारण बरसात का पानी जाम होकर स्टेशन रोड कजरा, आसपास के घरों व रेलवे ट्रैक पर करीब दो फीट पानी आ गया था और दो तीन घंटे तक रेलवे परिचालन ठप पड़ गया था। तब रेलवे विभाग ने स्थानीय थाना से मदद ली थी। जहां मौजूद तत्कालीन थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार ने पहल करते हुए आनन फानन में जगह जगह रेलवे चहारदीवारी से पानी जाने का रास्ता बनाया था। उस समय खाद दुकानदार का सैकड़ो बोरा खाद गलकर बर्बाद हो गया था तो कई दुकानदारों का चावल गेहूं आदि किराना समान पानी के कारण खराब हो गया था। इसके अलावे यह नदी अनेकों जगह अतिक्रमण का भी शिकार हो गया है।बहरहाल हर बरसात में कमोबेश यह नौबत आ जाती है जिससे नरोत्तम पुर, बिक्रम पुर गांव का अनेकों घरों में पानी घुस जाता है और सरकारी मदद के अभाव में लोग पानी के निकास के लिए कुदाल फ़ावरा के सहायता से स्वयं के श्रम से नदी साफ करते हैं। यह स्थिति व समस्या आज भी मुंह बाएं खड़ी है।
कचरा निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल
लोहिया स्वच्छ बिहार के अंतर्गत घर-घर से सुखा और गीला कचरा एकत्रित करने उसे बेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाने तथा रीसाइकलिंग के माध्यम से निस्तारण करने की व्यवस्था है। परंतु कचरा ढोने वाले को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण अथवा कहीं कचरा ढोने वाले आदमी की कमी के चलते कचरे का निस्तारण सवाल पैदा करता है।
लोगों को होना होगा जागरूक
सच तो यह है कि जिस ढंग से विभिन्न कार्यों के लिए हम लोग निजी व्यवस्था करते हैं उसी ढंग से कचरे को निस्तारण करने के लिए भी खुद के खर्च अथवा खुद के श्रम से निजी व्यवस्था करने की आवश्यकता है तभी कचरे का समुचित निस्तारण संभव और सफल हो पाएगा।
अतिक्रमण का शिकार है पहाड़ी नदी
सदियों से सरसराती व निर्बाध रूप से बहती पहाड़ी सह बरसाती नदी दशकों पूर्व बरसाती पहाड़ी नदी अपने यौवन का गाथा पिरोती थी। जो एक सुहागिन के सुहाग की तरह चंचल रूप से बहा करती थी।
इंसानों के अतिक्रमण व विभागीय उदासीनता इसके यौवन को असमय ही लील लिया और करीब तीस फीट चौड़ी नदी लाजवंती के पौधे की तरह सिमट कर 10 फीट की नाला हो गई।
श्री किशुन पंचायत के पूर्व मुखिया श्याम सुंदर पांडे, जनप्रतिनिधि सुबोध तांती, सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार सिंह इत्यादि ने नाला हो चुके पहाड़ी नदी को अतिक्रमण मुक्त एवं नाले की सफाई करने का गुहार लगाई है।
कजरा में कूड़ेदान बने पहाड़ी नदी से फैल रही है गंदगी
