लखीसराय/ कजरा,
डॉ आर लाल गुप्ता
सेहत के लिए सदाबहार है हरी मिर्च को भोजन में शामिल करना क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स के साथ ही शरीर के चर्बी गलाने की क्षमता और दिमाग़ में सकारात्मक गुणों को बढ़ोतरी से हरी मिर्च हमारे भोजन के लिए अति उत्तम माना जाता है।
यही नहीं बल्कि मिर्ची के आचार भी रोटी, चावल अथवा भूंजे के साथ खाने से स्वाद में बढ़ोतरी हो जाती है। विभिन्न प्रकार के सलाद में अगर हरी मिर्च नहीं डाला जाय तो सलाद का स्वाद भी चटकारे युक्त नहीं होगा।
हरी मिर्च में मुख्यत: विटामिन सी, ए, के ,आयरन, वीटा कैरोटीन आदि मिनरल्स पाए जाने के कारण यह शरीर के अनावश्यक चर्बी को गलाने में सक्षम है। जानकारी हो कि एक संतरे में जीतना विटामिन सी रहता है उतना विटामिन सी एक मिर्ची में मौजूद होता है।जो दांतो के लिए भी फायदेमंद है।
मिर्च की उन्नत किस्में
वैसे तो देशला या लोकल भी कई तरह के मिर्ची के किस्में हैं परंतु अधिक उपज के लिए किसान इस किस्म के बजाय हाइब्रिड बीज को ही पसंद करते हैं।
इसमें सुनिधि, अंबिका पूसा,सदाबहार माही,तेजा ईगल शंकर हाइब्रिड जैसे कई अन्य किस्में है। जिसमें तीखापन, वायरस प्रतिरोधक क्षमता गुण होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मिर्ची लगाने का सही समय जनवरी से मार्च अप्रैल तक उपयुक्त माना जाता है।
