Skip to main content

Birsa Times

श्रमदान से ग्रामीणों ने बनाया पुल, हुलसम के झुरीडीह में दिखी गांव की एकजुटता

श्रमदान से ग्रामीणों ने बनाया पुल, हुलसम के झुरीडीह में दिखी गांव की एकजुटता

प्रमुख, उपप्रमुख और ग्रामीणों ने मिलकर उठाया बीड़ा, आर्थिक सहयोग से पूरा हुआ पुल निर्माण

छत्तरपुर (पलामू)। छत्तरपुर प्रखंड की हुलसम पंचायत के हुलसम गांव स्थित झुरीडीह टोला में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान से पुल का निर्माण कर मिसाल पेश की है। लंबे समय से आवागमन की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने विभागीय पहल का इंतजार करने के बजाय खुद ही पुल बनाने का निर्णय लिया और सामूहिक प्रयास से निर्माण कार्य पूरा कर लिया।

विभागीय पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने खुद उठाया बीड़ा

ग्रामीणों के अनुसार झुरीडीह टोला तक पहुंचने के लिए लोगों को मुख्य सड़क से लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। पगडंडी के सहारे आवागमन करना ग्रामीणों की मजबूरी थी। पुल नहीं होने के कारण किसानों, विद्यार्थियों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती थी।

ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से पुल निर्माण की मांग की जा रही थी, लेकिन विभागीय स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद छत्तरपुर प्रमुख उर्मिला देवी, उपप्रमुख संतोष कुमार यादव, समाजसेवी राजन सिंह और ग्रामीणों ने बैठक कर स्वयं पुल बनाने का निर्णय लिया।

आर्थिक सहयोग और श्रमदान से तैयार हुआ पुल

निर्माण के लिए ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से राशि और निर्माण सामग्री जुटाई। इसके बाद सामूहिक श्रमदान से पुल का निर्माण पूरा किया गया।

सहयोग करने वालों में :

  • प्रमुख पति राजन सिंह ने 25 बोरा सीमेंट और दो होम पाइप दान किए।
  • मुखिया पति श्याम देव सिंह ने 10 बोरा सीमेंट दिया।
  • कुंदन विश्वकर्मा ने दो बोरा सीमेंट और आर्थिक सहयोग किया।
  • बाबूलाल सिंह ने भी निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • विनोद सिंह, कामेश्वर सिंह, डोमन सिंह, योगेंद्र सिंह, कर्मदयाल सिंह, बसंत सिंह, अतीत सिंह, महेश सिंह, अरविंद लोहरा, जट्टू लोहरा, बलदेव लोहरा, सोहराई सिंह, प्रमोद सिंह, शंकर सिंह समेत दर्जनों ग्रामीणों ने श्रमदान किया।

ग्रामीणों ने दिन-रात मेहनत कर निर्माण कार्य को पूरा किया।

खेती-किसानी में भी मिलेगी राहत

उपप्रमुख संतोष कुमार यादव ने कहा कि खराब आवागमन व्यवस्था का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा था। किसानों को खाद, बीज और कृषि उपकरण लाने में परेशानी होती थी। वहीं, तैयार फसल बाजार तक पहुंचाने में भी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता था। पुल बनने से इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान

समाजसेवी राजन सिंह ने कहा कि पुल निर्माण से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर आवागमन होने से ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों से राहत मिलेगी।

गांव की एकजुटता का प्रतीक है पुल : प्रमुख

प्रमुख उर्मिला देवी ने कहा कि यह पुल केवल ईंट, सीमेंट और लोहे से बना ढांचा नहीं है, बल्कि गांव की एकता, सामाजिक सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। ग्रामीणों ने जिस तरह एकजुट होकर निर्माण कार्य पूरा किया, वह अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल का स्थायी और मजबूत निर्माण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में लोगों को सुरक्षित और बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। सामूहिक प्रयास से पुल निर्माण को लेकर पूरे क्षेत्र में ग्रामीणों की सराहना हो रही है।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *