आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
चतरा : जिले से एक बेहद दर्दनाक और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलने वाली खबर सामने आई है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। चतरा के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के जोगियारा पंचायत स्थित बामी गांव में मोबाइल नेटवर्क और आवागमन का साधन न होने के कारण सर्पदंश के शिकार एक 50 वर्षीय व्यक्ति की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बामी गांव के रहने वाले 50 वर्षीय बौध भारती (पिता दीना भारती) बीती रात अपने घर में गहरी नींद में सो रहे थे। तभी आधी रात को एक विषैला करैत सांप उनके बिस्तर पर चढ़ गया और उनकी गर्दन पर डस लिया। सांप के काटने के बाद वे दर्द से छटपटाने लगे, लेकिन असल त्रासदी इसके बाद शुरू हुई।गांव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा बिल्कुल नहीं है, जिसके कारण लाचार परिजन किसी डॉक्टर, एंबुलेंस या रिश्तेदार को फोन तक नहीं कर सके। इसके अलावा, रात के अंधेरे में गांव से अस्पताल तक जाने के लिए परिवहन का कोई साधन भी उपलब्ध नहीं था। सुविधाओं के घोर अभाव के बीच, जहर तेजी से उनके पूरे शरीर में फैल गया और इलाज के बिना ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की बहू ने बताया कि कुछ साल पहले उनकी सास (बौध भारती की पत्नी) की मौत भी सांप के काटने से ही हुई थी। लगातार हो रही इन मौतों से गांव में दहशत और शोक की लहर है। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा है कि अगर उनके गांव तक पक्की सड़क, परिवहन और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा होती, तो आज बौध भारती की जान निश्चित रूप से बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।
सिस्टम की बेरुखी ने ली जान! मोबाइल नेटवर्क और परिवहन न होने से सर्पदंश के शिकार 50 वर्षीय ग्रामीण की तड़पकर मौत
