दुमका ब्यूरो। आदिवासी एक्सप्रेस।
दुमका। दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक नाबालिग आदिवासी छात्रा का शव गांव के समीप झाड़ियों से बरामद होने के बाद पूरे इलाके में शोक, आक्रोश और गहरी चिंता का माहौल है। नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली इस छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत से परिजन सदमे में हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन छात्रा के साथ यौन हिंसा के बाद हत्या किए जाने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। घटना से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से छानबीन कर रही है।
परिजनों के अनुसार, मृतका शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे स्कूल से अपने घर लौटी थी। भोजन करने के पश्चात वह गाय खोलने के लिए खेत और मैदानी इलाके की ओर गई थी। कुछ देर बाद गाय तो अकेली घर लौट आई, लेकिन छात्रा वापस नहीं पहुंची। काफी देर तक सुराग न मिलने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद गांव के पास झाड़ियों में उसका शव बरामद हुआ। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही काठीकुंड थाना प्रभारी बलराम कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देर रात डीएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए।
वहीं इस जघन्य घटना के विरोध में शनिवार को परिजनों और मृतका के स्कूल के सहपाठियों एवं स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों और छात्रों ने दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर दुमका-पाकुड़ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी आरोपी को अविलंब गिरफ्तार कर फांसी की सख्त सजा दिलाने पर अड़े रहे। सड़क जाम के कारण आवागमन बाधित हो गया था, जबकि पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया और सड़क जाम हटाया और आवागमन शुरू कराया।
