Skip to main content

Birsa Times

नेत्रहीनता को मात देकर छाए सुनील लोधी: फिल्म ‘हनुमान अंश’ के भजन ने दिलाई देश भर में पहचान

नेत्रहीनता को मात देकर छाए सुनील लोधी: फिल्म ‘हनुमान अंश’ के भजन ने दिलाई देश भर में पहचान

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव अगरा के रहने वाले सुनील कुमार लोधी इन दिनों अपनी आवाज के कारण देशभर में चर्चा में हैं। जन्म से नेत्रहीन सुनील ने अपनी कमजोरी को कभी अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। बचपन से ही भजन और संगीत के प्रति उनका लगाव था। यही शौक धीरे-धीरे उनकी पहचान बना और अब फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उनके गाए भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ ने उन्हें नई पहचान दिला दी है। सोशल मीडिया पर यह भजन खूब पसंद किया जा रहा है और इसके वीडियो व रील भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।

सागर के अगरा गांव में जन्मे सुनील को बचपन से दिखाई नहीं देता है। उनके माता-पिता ने उनकी आंखों की रोशनी वापस लाने के लिए कई जगह इलाज कराया, लेकिन सफलता नहीं मिली। परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य थी। करीब दो एकड़ जमीन और पशुपालन के सहारे परिवार का खर्च चलता था। आर्थिक परेशानियों और दृष्टिबाधित होने के कारण सुनील अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने संगीत को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया।

स्कूल के दिनों में ही सुनील को भजन और गीत गाने का शौक था। उनके शिक्षक और साथी अक्सर उनसे भजन सुनते और मोबाइल में रिकॉर्ड करते थे। धीरे-धीरे उनकी आवाज गांव के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों तक पहुंचने लगी। लोग उन्हें कार्यक्रमों में भजन गाने के लिए बुलाने लगे। बाद में उन्होंने तमूरा बजाना भी सीखा और भजन गायन उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया।

सुनील की जिंदगी में बड़ा बदलाव वर्ष 2019 में आया, जब उनके पड़ोस की एक महिला के जरिए उनकी मुलाकात यूट्यूबर रोहित साहू से हुई। रोहित बुंदेली दुनिया नाम से यूट्यूब चैनल चलाते हैं। उन्होंने सुनील की आवाज सुनी और उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू किया। इसी दौरान सुनील का बुंदेली गीत ‘दूल्हा बनकर आ गव ठेला, है मोटर को ब्याव’ लोगों के बीच लोकप्रिय हुआ। इस गीत को यूट्यूब पर करीब नौ लाख बार देखा गया। इसके बाद सुनील को कार्यक्रमों में गाने के लिए बुलाया जाने लगा और उनकी आमदनी में भी सुधार हुआ।

रोहित और सुनील ने मिलकर इसके बाद कई भजन रिकॉर्ड किए और सोशल मीडिया पर अपलोड किए। इनमें ‘मोरे संकट कटैया हनुमान’ काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद इंदौर के वीआरके प्रोडक्शन ने सुनील से संपर्क किया। इस भजन को यूट्यूब पर रिलीज किया गया, जिसे करीब 2.8 करोड़ व्यूज मिलने की बात सामने आई है। इस सफलता के बाद सुनील की लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी।

सुनील की बढ़ती पहचान उन्हें मुंबई तक ले गई। रोहित उन्हें अपने साथ मुंबई लेकर पहुंचे, जहां साईं बाबा स्टूडियो में उनके भजनों की रिकॉर्डिंग हुई। इसी दौरान रोहित ने सुनील के साथ वर्सोवा बीच की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इन तस्वीरों पर फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की नजर पड़ी। उन्होंने रोहित से संपर्क कर दोनों को स्टूडियो बुलाया।

स्टूडियो में सुनील ने फिल्म की टीम के सामने कई भजन सुनाए। इनमें ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और ‘सागर में नैया डार दई’ निर्देशक को बेहद पसंद आए। इसके बाद दोनों भजनों को फिल्म में शामिल करने का फैसला लिया गया। फिल्म के रिलीज होने के बाद इन भजनों को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और सुनील की आवाज सोशल मीडिया पर लोगों के बीच तेजी से पहुंच रही है।

सुनील अपनी इस सफलता का श्रेय रोहित साहू को देते हैं। उनका कहना है कि रोहित ने उनके हुनर को पहचानकर उसे लोगों तक पहुंचाने का काम किया। सुनील के मुताबिक, अगर रोहित ने उनका साथ नहीं दिया होता और उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा नहीं किए होते, तो शायद वह आज भी अपने गांव तक सीमित रहते। वह रोहित को अपने जीवन में ईश्वर के समान मानते हैं।

‘हनुमान अंश’ के भजनों की लोकप्रियता के साथ सुनील के लिए नए अवसर भी खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने गायन करियर को आगे बढ़ाने के लिए लगातार मेहनत करेंगे और आठ गानों के लिए करार भी कर चुके हैं। सुनील का सपना बॉलीवुड के मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के साथ गाना गाने का है। वह जुबिन की आवाज को बेहद मधुर मानते हैं।

सुनील लोधी का सफर संघर्ष और हौसले की मिसाल है। जिस आवाज की शुरुआत गांव की चौपाल और छोटे धार्मिक आयोजनों से हुई थी, वही आवाज अब फिल्मी दुनिया और सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है। सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हुनर पर भरोसा रखने वाले सुनील आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *