देवघर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों एवं खनन नियमों के बावजूद पालोजोरी थाना क्षेत्र में कथित अवैध बालू का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में बालू लदे ट्रैक्टर तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे जहां सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, देर रात कई ट्रैक्टरों की आवाजाही देखी जा रही है। बालू लदे ट्रैक्टरों की रफ्तार इतनी अधिक रहती है कि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात के समय इस तरह के वाहनों के परिचालन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
मिलीभगत की भी उठ रही चर्चा
ग्रामीणों के बीच बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को लेकर मिलीभगत की चर्चा भी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं खनन विभाग से मामले की जांच कर रात के समय विशेष निगरानी अभियान चलाने की मांग की है।
कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि NGT के निर्देशों और खनन नियमों के बावजूद अवैध तरीके से बालू का उत्खनन व परिवहन जारी है, तो संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय लगातार ट्रैक्टरों की आवाजाही के बावजूद निगरानी व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त, जिला खनन पदाधिकारी एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही रात में तेज रफ्तार से बालू लदे ट्रैक्टरों के परिचालन पर विशेष अभियान चलाकर रोक लगाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
अवैध बालू उत्खनन एवं परिवहन पर तत्काल रोक
रात के समय विशेष निगरानी अभियान
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई
मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान

