देवघर से दिव्य दिनकर संवाददाता प्रेम रंजन झा
मोहनपुर। युवाओं को खेल से जोड़ने की बात तो खूब होती है, लेकिन मोहनपुर के एकमात्र प्रखंड स्तरीय स्टेडियम की हालत दावों पर सवाल खड़ा कर रही है। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, गैलरी जर्जर है, रेलिंग क्षतिग्रस्त है, उद्घाटन का शिलालेख मिटने की कगार पर है और रखरखाव के लिए बनाई गई छह दुकानों पर पहले दिन से ताला लटका है।
जीर्णोद्धार के लिए दो साल पहले 47 लाख 66 हजार 400 रुपये का प्राक्कलन तैयार कर प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। जिला खेल शाखा देवघर ने पत्रांक 265 दिनांक 21 सितंबर 2024 को सरकार को प्रस्ताव भेजा था। यह पहल मंत्री हफीजुल हसन के निर्देश के बाद की गई थी। जिला परिषद के जिला अभियंता द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन तैयार किया गया था। उपायुक्त द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति और राशि आवंटन के लिए पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग रांची को अनुशंसा भेजी गई थी।
प्रस्तावित कार्य एक लाइन में – 1. पवेलियन भवन मरम्मत 2. गैलरी मरम्मत 3. दुकान मरम्मत 4. बाउंड्री वॉल मरम्मत 5. मैदान समतलीकरण 6. डीप बोरिंग 7. नाली निर्माण
वर्तमान बदहाली एक लाइन में – 1. मुख्य द्वार से अंदर तक झाड़-झंखाड़ 2. मिट्टी कटाव व गड्ढे 3. सांप-बिच्छू का खतरा 4. शिलालेख धुंधला 5. छह दुकानों पर ताला
रविवार को इसी स्टेडियम में पत्रकारों और पुलिस के बीच मैत्री क्रिकेट मुकाबला आयोजित हुआ था, जिसमें नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया। आयोजन ने स्टेडियम की बदहाली की ओर भी ध्यान खींचा।
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि मंत्री के निर्देश के बाद भी काम शुरू नहीं होना निराशाजनक है। सवाल यही है कि फाइलों में कैद योजना मैदान तक कब पहुंचेगी।
