आदिवासी एक्सप्रेस ब्यूरो अजय कुमार कुशवाहा
बरहरवा दिनांक 05.10.2026 को आरपीएफ पोस्ट/बरहरवा की टीम द्वारा तीनपहाड़ एवं बरहरवा रेलवे स्टेशन तथा उनके सर्कुलेटिंग एरिया में नियमित गश्त एवं सघन चेकिंग के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में कुल 05 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
आरपीएफ पोस्ट/बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ बल द्वारा दिनांक 05.10.2026 को लगभग 22:35 बजे तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त के दौरान एक नाबालिग बालिका को अपने लगभग 02 वर्षीय छोटे भाई को गोद में लेकर अकेले घूमते हुए पाया गया। संदेह होने पर उसे रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान बालिका ने बताया कि पारिवारिक कारणों (माता के डांटने पर)से वह अपने छोटे भाई को साथ लेकर घर से निकल गई थी तथा भटकते हुए तीनपहाड़ रेलवे स्टेशन पहुंच गई। दोनों बच्चों को तत्काल सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट/बरहरवा लाया गया।
इसी क्रम में दिनांक 05.10.2026 को लगभग 00:20 बजे बरहरवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-01 एवं वेटिंग रूम में चेकिंग के दौरान अलग-अलग स्थानों से 03 अन्य नाबालिग बच्चों को संदिग्ध अवस्था में पाया गया। पूछताछ एवं सत्यापन के दौरान उनके द्वारा अपने-अपने घर से बिना माता-पिता को सूचित किए निकलने की बात बताई गई।
पूछताछ के दौरान एक नाबालिग बालक एवं एक नाबालिग बालिका जिसकी उम्र क्रमशः 17 व 16 वर्ष है और थाना तीनपहाड़ के रहने वाले है ने बताया कि वे पिछले लगभग दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे तथा एक दूसरे से प्यार करते है। उनके अनुसार, उनके इस संबंध को परिवार के सदस्यों की सहमति प्राप्त नहीं थी। इसी कारण दोनों ने दिनांक 04.10.2026 को अपने-अपने घर से बिना माता-पिता को सूचित किए निकलकर बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचने की बात बताई। दोनों का उद्देश्य बरहरवा से पश्चिम बंगाल की ओर जाना था। आरपीएफ टीम द्वारा समय रहते दोनों को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया।
वहीं, एक अन्य नाबालिग बालिका ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसकी उम्र 16 साल है और बरहेट थाना के अंतर्गत की रहने वाली है ।मोबाइल फोन (फेसबुक)के माध्यम से पटना के निवासी एक व्यक्ति से उसका परिचय लगभग 1 साल से था एवं बातचीत थी और वे दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे ,जिसे लेकर उसके परिवार के सदस्य सहमत नहीं थे। इसी विषय को लेकर प्रत्येक दिन परिवार के लोग उसे डांटते थे इसलिए वह दिनांक 04.10.2026 को लगभग 20:00 बजे बिना माता-पिता को सूचित किए घर से निकलकर सड़क मार्ग से बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंची थी । उसने बताया कि वह उक्त व्यक्ति से मिलने के उद्देश्य से पटना जाने का प्रयास कर रही थी।
आरपीएफ कर्मियों द्वारा सभी 05 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट/बरहरवा लाया गया। आवश्यक पूछताछ एवं सत्यापन के साथ उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया गया। तत्पश्चात नियमानुसार आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद सभी 05 नाबालिग बच्चों को मंथन/बरहरवा की प्रतिनिधि आराधना मंडल और अंशु मालाकार को अग्रिम आवश्यक कार्रवाई, देखरेख एवं संरक्षण हेतु सुपुर्द किया गया।
आरपीएफ की अपील:
अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने नाबालिग बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, उनकी भावनात्मक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को समझने का प्रयास करें तथा मोबाइल फोन के उपयोग एवं उनकी गतिविधियों पर उचित निगरानी रखें, ताकि बच्चे किसी परिस्थिति में बिना बताए घर से निकलकर जोखिमपूर्ण स्थिति में न पहुंचें।
