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जेपीएससी मुद्दे पर छात्र और सरकार की बीच अधिकांश मुद्दों पर बनी सहमति, सीजीएल परीक्षा पर अटका मामला

जेपीएससी मुद्दे पर छात्र और सरकार की बीच अधिकांश मुद्दों पर बनी सहमति, सीजीएल परीक्षा पर अटका मामला

रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच तीन दिनों तक चली वार्ता के बाद रविवार को अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है।

इस संबंध में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य सोनू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों पर सकारात्मक सहमति बन गई है और संबंधित मामलों के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और इसकी सीबीआई जांच की मांग पर अभी सहमति बननी अभी बाकी है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि सीजीएल परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में चल रहे हैं। मामला कोर्ट से जुड़ा हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार अपने स्तर से परीक्षा को रद्द नहीं कर सकती। हालांकि सरकार ने मामले की जांच सीआईडी से कराने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, यदि सीआईडी जांच से छात्रों की आशंका दूर नहीं होती है तो सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराने पर भी सरकार ने सहमति जताई है।

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तीन दिनों की वार्ता के दौरान छात्रों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि 14 वीं जेपीएससी, 2023 और 2024 बैकलॉग से संबंधित तीनों परीक्षाएं रद्द होंगी। इसके अलावा टीडीपीएल एजेंसी की ओर से ली गई संबंधित परीक्षाओं में यदि आपराधिक अनियमितता सामने आती है तो सीआईडी से जांच कराई जाएगी। वहीं, यदि किसी मामले में पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार 90 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और संबंधित मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में कार्रवाई करने को तैयार है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर सरकार एक कमेटी गठित करेगी, जो छात्रों की रिफॉर्म से संबंधित सभी मांगों पर विचार करेगी। एज रिलेक्सेशन जैसे एक-दो बिंदुओं को छोड़कर बाकी मांगों पर सहमति बन गई है।

हालांकि छात्र प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि सीजीएल परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार से हुई वार्ता और 98 फीसदी मांगों पर बनी सहमति को लेकर प्रतिनिधिमंडल अब आंदोलनरत छात्रों के बीच जाएगा। आपसी राय-मशविरा के बाद सरकार से आगे वार्ता करेंगे।

वहीं मौके पर छात्र नेता मनोज कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि 10 अगस्त 2026 को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से किया जायेगा।

मौके पर मंत्री सुदिव्य सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, चमरा लिंडा, छात्र-अभ्यर्थी प्रतिनिधिमंडल और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।

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