-आदिवासी एक्सप्रेस/पप्पू यादव
नौडीहा बाजार ,पलामू। जिला के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शाहपुर टोला, मंगराडीह में दिनांक 21 अक्टूबर को एक व्यक्ति धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मृतक की पहचान सीता राम, उम्र लगभग 61 वर्ष, पिता स्वर्गीय छठन राम, निवासी ग्राम शाहपुर टोला, मंगराडीह, थाना नौडीहा बाजार, जिला पलामू के रूप में हुई है।
इस संबंध में मृतक के परिजनों द्वारा डायन-बिसाही के आरोप में हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की गई थी। मामले में नौडीहा बाजार थाना कांड संख्या 97/2026, दिनांक 21.10.2026, धारा 103(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
अनुसंधान के क्रम में ज्ञात हुआ कि महंग राम के 23 वर्षीय पुत्र विवेक कुमार की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी तथा राँची में इलाज के दौरान दिनांक 20 अक्टूबर की रात उसकी मृत्यु हो गई थी। विवेक कुमार की मृत्यु के बाद उसके चाचा सोनू राम एवं परिवार के अन्य सदस्यों को संदेह था कि सीता राम द्वारा डायन-बिसाही कराए जाने के कारण विवेक कुमार की मृत्यु हुई है।
इसी अंधविश्वास एवं संदेह के कारण सीता राम की टांगी से वार कर हत्या किए जाने की बात अनुसंधान में सामने आई है।
घटना के मुख्य अभियुक्त सोनू राम, उम्र लगभग 53 वर्ष, पिता स्वर्गीय गणेशी राम, निवासी ग्राम शाहपुर टोला, मंगराडीह, थाना नौडीहा बाजार, जिला पलामू को दिनांक 22. अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का बेंट लगा टांगी भी बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
- सोनू राम, उम्र लगभग 53 वर्ष, पिता स्वर्गीय गणेशी राम, निवासी ग्राम शाहपुर टोला, मंगराडीह, थाना नौडीहा बाजार, जिला पलामू।
बरामद सामान:
- हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का बेंट लगा टांगी।
छापामारी दल:
- पु०अ०नि० नीरज कुमार, थाना प्रभारी, नौडीहा बाजार थाना।
- स०अ०नि० मो० आलम शेख।
- स०अ०नि० राजेश बैठा।
- नौडीहा बाजार थाना के सशस्त्र बल।
डायन-बिसाही के अंधविश्वास के विरुद्ध पलामू पुलिस का संदेश-
पलामू पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चौधरी ने आम नागरिकों से अपील किया है कि डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं एवं अंधविश्वास का समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। किसी व्यक्ति की बीमारी, मृत्यु अथवा अन्य दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए किसी महिला या पुरुष को डायन-बिसाही के नाम पर दोषी ठहराना पूरी तरह अनुचित एवं कानूनन दंडनीय है।
ऐसी कुप्रथाओं के कारण निर्दोष व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं, को प्रताड़ना, सामाजिक बहिष्कार तथा हिंसा का सामना करना पड़ता है। किसी भी प्रकार की बीमारी या असामान्य घटना की स्थिति में अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय चिकित्सकीय सहायता एवं उचित परामर्श लें। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेने, अंधविश्वास के आधार पर किसी को प्रताड़ित करने अथवा हिंसा करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अनुरोध है कि डायन-बिसाही से संबंधित प्रताड़ना या हिंसा की किसी भी घटना की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस को दे..नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में झार फुक के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
