-आदिवासी एक्सप्रेस
दुमका। झारखंड के दुमका जिले से ममता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मां और बेटे के इस पवित्र रिश्ते की नींव को हिलाकर रख दिया है। समाज में कहा जाता है कि ‘पुत्र कुपुत्र हो सकता है, पर माता कुमाता नहीं’, लेकिन इस कहावत को झुठलाते हुए एक मां ने खुद अपने ही जिगर के टुकड़े (बेटे) और अपने भतीजे की हत्या कर दी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि वादी विक्रांत सिंह (पिता- शिव शंकर प्रसाद सिंह, निवासी- बलियाडंगाल, थाना महेशपुर, जिला पाकुड़) ने अपनी पत्नी राखी कुमारी, अपने नाबालिग बेटे और नाबालिग भतीजे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के आधार पर दुमका नगर थाना में कांड संख्या-194/2026, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 के तहत धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, दुमका के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर दुमका के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गुमशुदा महिला राखी कुमारी को पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के सलगाटाँड गांव से ढूंढ निकाला।
पुलिस द्वारा पूछताछ और महिला के अपराध स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत पेटरपहाड़ी, सिंदरीदोल के पास स्थित एक कुएं से दोनों नाबालिग बच्चों के शव बरामद किए गए। बच्चों के शव मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या और सबूत मिटाने की धाराएं जोड़ दी हैं। गिरफ्तार अभियुक्त महिला राखी कुमारी को परिवर्तित धाराओं 137(2), 103(1) और 238(ए) बी.एन.एस. 2023 के तहत न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मामले के खुलासे और छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर दुमका), नगर थाना प्रभारी, हंसडीहा थाना प्रभारी के साथ-साथ कई पुलिस अवर निरीक्षक और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गुत्थी को सुलझाया।
