-घरेलू विवाद के बाद कीटनाशक खाने की बात आई सामने, पिता ने लगाया मारपीट और जबरन जहर खिलाने का आरोप
-आदिवासी एक्सप्रेस / संतोष कुमार दास
इटखोरी (चतरा): इटखोरी थाना क्षेत्र के नगवां गांव में 50 वर्षीय पार्वती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने उनके पति गंदौर उर्फ राजकुमार दांगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतका के पिता पेमन महतो की शिकायत पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम पार्वती देवी की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें इटखोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। बताया जाता है कि पति के साथ घरेलू विवाद के बाद महिला ने कीटनाशक दवा खा ली थी। स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक डॉ. अजीत कुमार ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता ने लगाया मारपीट और जबरन जहर खिलाने का आरोप पार्वती देवी की मौत के बाद उनके पिता पेमन महतो, जो राजपुर थाना क्षेत्र के निवासी ने इटखोरी थाना में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने अपनी पुत्री के साथ बराबर मारपीट किए जाने और जबरन जहर खिलाने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के अनुसार, इस मामले में कांड संख्या 126/026 दर्ज करते हुए मृतका के पति गंदौर उर्फ राजकुमार दांगी को गिरफ्तार कर चतरा जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें मृतका के पति गंदौर उर्फ राजकुमार दांगी, मृतक के सास सोमारी देवी, ससुर सरयू दांगी, चतरा के पकरिया निवासी बहन सूमा देवी एवं उनके पति संजय दांगी, करनी गांव निवासी सुवंती देवी एवं उनके पति राहुल दांगी, नावाडीह-पत्थलगड्डा निवासी गेंदिया देवी तथा मुंबई में रहने वाली सौतन का नाम शामिल बताया गया है। मुंबई में दूसरी शादी को लेकर होता था विवाद बताया जाता है कि राजकुमार दांगी आजीविका के लिए मुंबई में काम करता है।

आरोप है कि उसने कई वर्ष पहले मुंबई में ही एक अन्य महिला से शादी कर ली थी। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष के लोग उसकी ससुराल पहुंचे और आक्रोश जताया। स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया।बताया जाता है कि पार्वती देवी का अंतिम संस्कार उनके ससुर ने किया। इस दुखद घटना में महिला को अंतिम विदाई देने के लिए पति मौजूद नहीं था। चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया पार्वती देवी अपने पीछे दो विवाहित बेटियां और दो बेटे छोड़ गई हैं। इनमें एक बेटा दिव्यांग बताया जाता है। मां की मौत के बाद अब बच्चों के भरण-पोषण और भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही महिला की मौत की वास्तविक परिस्थितियों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
