पटना: बिहार में मुख्यमंत्री पद और सत्ता के समीकरणों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं। इसी बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर टिप्पणी की है। कुशवाहा और सम्राट चौधरी रविवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित ‘विकसित बिहार : नींव से निर्माण तक महामंथन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह’ में शामिल हुए थे।
नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले कुशवाहा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार करीब 20 साल तक उस मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहे, जिस पर वर्तमान में सम्राट चौधरी बैठे हैं।
कुशवाहा ने कहा कि विचारधारा और मुख्यमंत्री की कुर्सी को अलग-अलग नजरिए से देखना चाहिए। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार को विचारधारा विरासत में मिली थी, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी उन्हें विरासत में नहीं मिली, बल्कि संघर्ष के बाद हासिल हुई।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक सफर में समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का काम किया।
सम्राट चौधरी की कुर्सी को लेकर कही ये बात
उपेंद्र कुशवाहा ने इसके बाद सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब सम्राट चौधरी उस कुर्सी पर बैठे हैं और जब तक उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तथा जनता की कृपा उनके साथ रहेगी, तब तक दुनिया की कोई ताकत उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी से नहीं हटा सकती।
कुशवाहा के इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीति में मुख्यमंत्री पद और गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने सम्राट चौधरी के कार्यकाल की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई।
सम्राट चौधरी ने भी दिया एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लव-कुश सामाजिक एकता और बिहार के विकास पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में दोनों समाजों ने मिलकर लव-कुश सम्मेलन का आयोजन किया था। आगे चलकर इस सामाजिक एकता ने राजनीतिक स्वरूप ग्रहण किया और इससे जुड़ी राजनीतिक पार्टियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने वर्ष 2005 के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया।
NDA के पांच दलों को बताया ‘पांच पांडव’
सम्राट चौधरी ने एकजुटता को समझाने के लिए पांच अंगुलियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रहने पर इनकी ताकत सीमित होती है, लेकिन एक साथ आने पर यही मुट्ठी की ताकत बन जाती है।
मुख्यमंत्री ने NDA के पांच घटक दलों को ‘पांच पांडव’ बताते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि गठबंधन की एकजुटता से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की कल्पना की है। उन्होंने कहा कि सरकार इन लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
उपेंद्र कुशवाहा के बयान और सम्राट चौधरी के एकजुटता वाले संदेश के बाद कार्यक्रम में बिहार के सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ गठबंधन की राजनीति की भी चर्चा देखने को मिली।
