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मुंगेर में 15 करोड़ रुपये के निवेश ठगी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, म्यूजिक कंपनी के निदेशक के घर छापेमारी

मुंगेर में 15 करोड़ रुपये के निवेश ठगी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, म्यूजिक कंपनी के निदेशक के घर छापेमारी

जमालपुर में सुबह-सुबह पहुंची ईडी की टीम, दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच; निवेशकों से जुटाई रकम के लेन-देन की पड़ताल तेज

रंजीत कुमार विद्यार्थी
मुंगेर। मुंगेर जिले के जमालपुर में करीब 15 करोड़ रुपये के कथित निवेश ठगी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी की टीम ने जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के नया टोला फूलका स्थित आवास पर अहले सुबह छापेमारी की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से ईडी अधिकारियों ने परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया।

एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई

  • ईडी की टीम ने मामले से जुड़े तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
  • जितेंद्र कुमार राजीव के आवास से बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और निवेश से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए।
  • अधिकारियों ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की।
  • इलेक्ट्रॉनिक डेटा के जरिए निवेशकों से जुटाई गई रकम के लेन-देन और उसके इस्तेमाल की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच

ईडी की कार्रवाई का मुख्य फोकस निवेशकों से जुटाई गई रकम के कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी के जरिए जमा की गई राशि किन खातों में गई और क्या उसे दूसरे खातों, कारोबार या संपत्तियों में स्थानांतरित किया गया।

जानकारी के अनुसार, मामले के प्राथमिक आरोपी जयधन तांती और प्रिया राजीव रंजन से भी ईडी अधिकारियों ने घंटों पूछताछ की। पूछताछ में कंपनी की वित्तीय गतिविधियों, निवेशकों से रकम जुटाने की प्रक्रिया और पैसों के प्रवाह से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी ली गई।

आकर्षक मुनाफे का झांसा देने का आरोप

जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने चिटफंड की तर्ज पर लोगों को आकर्षक मुनाफे का भरोसा देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों से रकम जमा कराने के बाद कंपनी ने अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया।

बताया गया कि 18 नवंबर 2024 को कंपनी का कार्यालय बंद होने के बाद कई निवेशकों ने जमालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 224/24 दर्ज कर जांच शुरू की।

लंबे समय तक फरार रहे थे निदेशक

पुलिस जांच के दौरान कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव लंबे समय तक फरार रहे। बाद में उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में हैं।

आगे कई बड़े खुलासे की संभावना

ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद इस चर्चित निवेश ठगी मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसी निवेशकों से जुटाई गई रकम के वास्तविक प्रवाह, उससे जुड़े खातों और संभावित लाभार्थियों की जानकारी जुटा रही है।

जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल ईडी की टीम दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी है। एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट और कार्रवाई के विस्तृत ब्योरे का इंतजार है।

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