Skip to main content

Birsa Times

धरहरा सीओ की दबंगई पर डीएम ने लगाया ब्रेक, गाली गलौज व जान मारने की धमकी मामले की होगी जांच

धरहरा सीओ की दबंगई पर डीएम ने लगाया ब्रेक, गाली गलौज व जान मारने की धमकी मामले की होगी जांच

-नियम-कानून से कोई मतलब नहीं होता है,सीओ के बयान पर मचा बवाल
-दाखिल-खारिज में अनियमितता और दुर्व्यवहार की शिकायतों पर डीएम गंभीर
-योगदान के बाद से अब तक के मामलों की डीएम कराएंगे जांच
-खबर का असर
रंजीत कुमार विद्यार्थी
मुंगेर:
जिलें के धरहरा अंचलाधिकारी बीरेंद्र कुमार पिछले कुछ समय से दाखिल-खारिज सहित कुछ अन्य मामलों को लेकर लगातार विवादों में हैं। अब लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज के समक्ष धरहरा सीओ से संबंधित कई शिकायतें पहुंचीं। इसके बाद डीएम ने सीओ के धरहरा अंचल में योगदान करने के बाद से अब तक निष्पादित किए गए दाखिल – खारिज तथा परिमार्जन मामलों की जांच कराने की बात कही है। डीएम ने कहा कि सीओ के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिल रही हैं और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। सीओ के विरुद्ध दाखिल-खारिज मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ मामलों में सुनवाई की तिथि निर्धारित होने के बावजूद सीओ के स्वयं उपस्थित नहीं रहने के बाद भी दाखिल-खारिज आवेदन स्वीकृत कर दिया गया। इतना ही नहीं, दाखिल-खारिज रिपोर्ट में सुनवाई पूरी किए जाने का उल्लेख किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब पुराने दाखिल-खारिज मामलों की भी जांच की तैयारी की जा रही है।

फोन पर गाली-गलौज और धमकी के भी आरोप
दाखिल-खारिज से जुड़ी शिकायतों के बाद सीओ की कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एक आवेदक ने परिमार्जन रिवर्ट की जानकारी लेने के लिए सीओ से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि इस दौरान सीओ ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और मारपीट की धमकी दी। जिसका ऑडियो भी डीएम को दिया गया। इसके बाद डीएम ने संबंधित ऑडियो की जांच करने की बात कही है। वहीं शुक्रवार को भी सीओ से संबंधित ऐसे कई मामले जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पहले भी धरना तक पहुंच चुका है मामला
गौरतलब है कि धरहरा सीओ बीरेंद्र कुमार ने 3 फरवरी 2024 को धरहरा अंचल में योगदान किया था। सीओ के ढ़ाई वर्ष समयावधि के दौरान समय-समय पर उनके कामकाज और व्यवहार को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। इससे पहले 25 अक्टूबर 2024 को जमीन में त्रुटि से संबंधित आवेदन देने के बाद प्राप्ति रसीद मांगने को लेकर सीओ और आवेदक के बीच विवाद हुआ था। आवेदक संजय कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया था कि रसीद मांगने पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। घटना के विरोध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने 28 अक्टूबर 2024 को प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना देकर सीओ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी।

नियम-कानून से कोई मतलब नहीं होता है’ मैसेज से बढ़ा विवाद
इधर, पिछले दिनों सामने आए कुछ मामलों को लेकर जब अंचलाधिकारी बीरेंद्र कुमार से बात किया गया तो उन्होंने मैसेज के माध्यम से कथित तौर पर कहा, नियम-कानून से कोई मतलब नहीं होता है। सीओ के इस कथित बयान को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों में उनकी कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर नाराजगी है तथा कई लोग उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
महगामा पंचायत के पूर्व सरपंच सह सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष रह चुके अजय कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि सीओ को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। अंचल कार्यालय के उच्च पदाधिकारी होने के नाते उन्हें जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। पदाधिकारी जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। ऐसे मामले में कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न हो।

जांच के आदेश के बाद बढ़ सकती है सीओ की परेशानी
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच जिलाधिकारी द्वारा सीओ के योगदान के बाद से अब तक के दाखिल-खारिज मामलों की जांच की बात कही जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच में यदि नियमों के उल्लंघन, प्रक्रिया में अनियमितता अथवा शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित स्तर पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, डीएम की ओर से जांच की बात सामने आने के बाद धरहरा के लोगों में भी संतोष देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच होने से वास्तविक स्थिति सामने आएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होने से अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद है। वहीं, लोगों की नजर अब जिला प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *