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जमालपुर कारखाना में ठेकेदार के कर्मचारी ने रेलकर्मी को डंडा से पीटा, तेजी से वायरल हो रहा वीडियो

जमालपुर कारखाना में ठेकेदार के कर्मचारी ने रेलकर्मी को डंडा से पीटा, तेजी से वायरल हो रहा वीडियो

-विवाद सुलझाने में जुटे अधिकारी एवं यूनियन
रंजीत विद्यार्थी
मुंगेर :
जमालपुर कारखाना के डब्लूसीएस 2 के टेक्नीशियन 3 कर्मचारी देवन कुमार को डबल्यूआरएस 3 में काम करने के दौरान NF 4G कंस्ट्रक्शन के कर्मचारी द्धारा मारपीट की घटना को लेकर रेल कर्मचारियों में आक्रोश का वातावरण फैलता देख आनन फानन में मान्यता प्राप्त यूनियन एवं अधिकारी घटनास्थल पहुंचे तथा घायल रेलकर्मी को परिसर स्थित अस्पताल लाया गया और विवाद को शांत कराया। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार के कर्मी द्वारा रेल कर्मचारी को डंडे से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कारखाना मे घटित घटना से सैकड़ो कर्मचारी एकजुट हो गए। आक्रोशित रेल कर्मचारी ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड की मांग करने लगे। साथ ही रेल प्रशासन की संवेदनहीनता को लेकर सवाल खड़ा करने लगे। खबर मिलते ही रेल अधिकारी आनन-फानन मौके पर पहुंचे और मान्यता प्राप्त यूनियन के साथ अचानक बैठक बुलाई गई। एक यूनियन नेता ने बताया कि AWM के अघ्यक्षता मे बैठक काफी समय तक चली। जिसमें पीड़ित रेलकर्मी का गुस्सा फूट पड़ा। जिसे समझा बूझाकर शांत कराया गया। परंतु पीड़ित रेलकर्मी रेल प्रशासन को लिखित आवेदन देने की मांग को लेकर डटे रहे। इस संदर्भ में एआईआरएफ के केंद्रीय कमेटी सदस्य वीरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि केंद्र सरकार आउटसोर्स को बढ़ावा देने के कारण जमालपुर कारखाना में ठेकेदारों की बाढ़ आन पड़ी है, जो आए दिन घटना को आमंत्रित कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि रेल कर्मियों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और ना ही शोषण होने देंगे । उन्होंने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
इस संदर्भ में आरपीएफ के इंस्पेक्टर कारखाना अजय शर्मा ने बताया की दो पक्षों में विवाद स्वरूप नोक झोक की जानकारी मिली है। पीड़ित कर्मी द्वारा आवेदन दिए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा ऐसा लगता है कि यहाँ पदस्थापित पदाधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए कारखाना को बदनाम करने की साजिश के तहत कारखाना को अपराधियों का अखाड़ा बना दिया है । जिसके जद में रेल कर्मचारी आते ही रहते हैं। दो साल पूर्व भी ट्रैक्टर की चपेट में आने से रेलकर्मी सरोज चौधरी की मौत के साथ ऐसी कई घटना है । जिसे स्थानीय लोग भूले नहीं है। बावजूद रेलवे के बड़े अधिकारी की खामोशी समझ से पड़े है ।

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