-हर हाल में व्यवस्था बनी रहे: हेमंत सोरेन
-सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की ली विस्तार से जानकारी
-शोभा यात्रा-जुलूस में भड़काऊ और उत्तेजक गाने नहीं बजे
-वीडियो कांफ्रेंसिंग में डीसी और एसएसपी-एसपी हुए शामिल
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईद, सरहुल और रामनवमी के मद्देनजर राज्य में विधि-व्यवस्था को लेकर गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों और वरीय पुलिस अधीक्षकों/ पुलिस अधीक्षकों से आगामी पर्व- त्योहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा, साफ-सफाई और बिजली-पानी की आपूर्ति समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करने के क्रम में कई अहम निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सभी पव-त्योहार संपन्न हों। त्योहार के नाम पर अशांति, हिंसा और उप्रदव नहीं हों। ऐसे में पुलिस-प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहे। विधि व्यवस्था के संधारण में खलल डालने वालों पर त्वरित एक्शन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोभा यात्रा में उत्तेजक और भड़काऊ गाने नहीं बजे, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाये। इसके लिए जिला प्रशासन सभी पूजा समितियों और अखाड़ों से समन्वय बनाकर उन्हें प्री- रिकार्डेड गानों की पेन ड्राइव उपलब्ध कराये।

पुलिस बलों की पर्याप्त तैनाती हो, इनफॉर्मर भी रखें:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के साथ हनुमान जयंती और महावीर जयंती समेत कुछ और पर्व भी मनाने की परंपरा चलती आ रही है। ऐसे में इन सभी पर्व- त्योहारों के संपन्न होने तक सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। पर्याप्त संख्या में पुलिस वालों की तैनाती रहे। सुरक्षा में तैनात सभी जवान हर वक्त सतर्क रहें। इनफॉर्मरों को भी जोडेंÞ, ताकि कोई भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन के पास पहुंच सके।
संवेदनशील इलाकों के आसपास कड़ी सुरक्षा हो:
हेमंत सोरेन ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि चिन्हित किये गये संवेदनशील इलाकों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। यहां किसी भी सूरत में किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिससे शांति भंग होने की आशंका बने। उन्होंने जिलों को निर्देश दिया कि वे सभी समुदाय के लोगों का सहयोग जरूर लें।
भीड़भाड़ वाले इलाके और जुलूस मार्ग की विशेष निगरानी हो:
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से कहा कि पर्व-त्योहार के मौके पर निकलने वाली शोभा यात्रा को लेकर जुलूस रूट तथा भीड़ भाड़ वाले इलाकों की विशेष निगरानी होनी चाहिए। इसके लिए जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा से संबंधित सारी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए। पुलिस बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा से संबंधित तमाम उपकरणों की भी उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के मौके पर निकाली जाने वाली शोभा यात्रा और जुलूस के दौरान की तमाम एक्टिविटी का पूरा डॉक्यूमेंटेशन तैयार करें। इससे आगे आने वाले त्योहारों में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित रणनीति तैयार करने में काफी सहूलियत होगी।
सोशल मीडिया और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखें:
हेमंत सोरेन ने कहा कि कुछ लोग पर्व-त्योहारों के मौकों पर अशांति और उपद्रव करने की जुगात में रहते हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इसके साथ सोशल मीडिया की भी लगातार निगरानी होनी चाहिए। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर त्वरित एक्शन लें।
महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम हो:
मुख्यमंत्री ने कहा कि शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चों की भागीदारी भी होती है। ऐसे में उनकी सुविधा तथा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी वजह से कोई अप्रिय घटना हो जाये, तो उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सारी तैयारियां होनी चाहिए।
जुलूस मार्ग में सेफ जोन बनायें:
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलूस मार्ग में जगह-जगह सेफ जोन बनाकर रखें। यहां आपातकालीन स्थिति से निपटाने की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई घटना अथवा दुर्घटना होती है, तो लोगों को ऐसे सेफ जोन में सुरक्षित लाया जा सके।
बैठक में थे मौजूद:
मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी (आॅपरेशन) टी कंडास्वामी, आइजी (स्पेशल ब्रांच) प्रभात कुमार, आइजी (आॅपरेशन) माइकल राज और आइजी (प्रोविजन) मयूर पटेल मौजूद थे।
